नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के मलावां गांव में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और हिलसा विधायक कृष्ण मुरारी उर्फ प्रेम मुखिया पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गुस्साई भीड़ ने दोनों नेताओं को घेरकर दूर तक दौड़ा दिया, जिसके बाद वे किसी तरह गाड़ी बदलकर वहां से सुरक्षित निकल पाए।
हादसे के पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे
23 अगस्त को हिलसा–पटना मार्ग पर दनियावां के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में हिलसा के नौ लोगों की मौत हो गई थी। इसी घटना के पीड़ितों के परिजनों से मिलने बुधवार को मंत्री और विधायक गांव पहुंचे थे। उन्होंने मृतकों के परिवारों से मुलाकात की और सांत्वना देने के बाद लौटने लगे, तभी ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हें रोकने की कोशिश की।
ग्रामीणों का आरोप: औपचारिकता निभाने आए थे नेता
ग्रामीणों का कहना था कि नेता केवल औपचारिकता निभाने और राजनीतिक दिखावा करने आए थे। उनका आरोप है कि हादसे के चार दिन बाद मंत्री और विधायक गांव पहुंचे और तब भी मात्र कुछ मिनट रुककर निकलने लगे। ग्रामीण चाहते थे कि नेता उनकी समस्याएं सुनने के लिए अधिक समय दें। नाराज भीड़ ने जैसे ही नेताओं को जाते देखा, लाठी-डंडों के साथ उनका पीछा किया।
पुलिस की भारी तैनाती, माहौल काबू में
हालात इतने बिगड़े कि मंत्री और विधायक को लगभग एक किलोमीटर तक भागना पड़ा। वे किसी तरह गाड़ी तक पहुंचे और वहां से दूसरी गाड़ी में बैठकर निकल गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। हिलसा डीएसपी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल गांव पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया।
जदयू ने विपक्ष पर लगाया आरोप
जदयू जिला अध्यक्ष मोहम्मद अरशद ने कहा कि मंत्री और विधायक सरकार की ओर से संवेदना प्रकट करने गए थे, लेकिन विपक्ष के इशारे पर कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने और हमला करने का काम किया। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





