बिहार राज्यसभा चुनाव से पहले जीतन राम मांझी का बड़ा बयान, कहा- ‘NDA ने किया था एक सीट का वादा, आखिरी दम तक करेंगे इंतजार’

बिहार में अप्रैल में खाली हो रही 5 राज्यसभा सीटों पर चुनाव से पहले NDA में हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और 'हम' संरक्षक जीतन राम मांझी ने सोमवार को पटना में कहा कि उन्हें एक राज्यसभा सीट का वादा किया गया था और वह मांग नहीं करेंगे, लेकिन नेतृत्व के फैसले का अंतिम समय तक इंतजार करेंगे।
बिहार राज्यसभा चुनाव से पहले जीतन राम मांझी का बड़ा बयान, कहा- ‘NDA ने किया था एक सीट का वादा, आखिरी दम तक करेंगे इंतजार’

बिहार में राज्यसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर सीटों को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। इसी कड़ी में, एनडीए के प्रमुख घटक दल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक बड़ा बयान देकर हलचल मचा दी है।

राज्य में 9 अप्रैल को राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं, जिन पर चुनाव होना है। संख्या बल के हिसाब से एनडीए की चार सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि एक सीट पर मुकाबला रोचक हो सकता है। ऐसे में एनडीए के घटक दलों ने अपने लिए सीटों की मांग शुरू कर दी है।

नेतृत्व के वादे पर है भरोसा: मांझी

सोमवार, 23 फरवरी 2026 को पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए जीतन राम मांझी ने पुराने वादे की याद दिलाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह गठबंधन में किसी भी तरह की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्हें नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।

“हमने मांग नहीं की है… हमें कहा गया था कि आपको दो लोकसभा और एक राज्यसभा की सीट दी जाएगी। मुझे नहीं लगता कि हमारा नेतृत्व अपनी बात से मुकर जाएगा। उनकी बात पर हम अंतिम दम तक प्रतीक्षा करेंगे। हम मांग नहीं करेंगे, देखते हैं कि वे देते हैं या नहीं…” — जीतन राम मांझी

मांझी के इस बयान से साफ है कि वह सीधे तौर पर दबाव बनाने से बच रहे हैं, लेकिन उन्होंने बड़ी चतुराई से अपनी पार्टी की दावेदारी को सार्वजनिक मंच पर रख दिया है।

‘हम’ ने जताई थी नाराजगी

जीतन राम मांझी के बयान से पहले ही उनकी पार्टी के नेता राजेश कुमार ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि एनडीए में उनकी पार्टी को अक्सर कम आंका जाता है। उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि तब पार्टी को केवल छह सीटें दी गई थीं। राजेश कुमार ने कहा, “हमारे नेता जीतन राम मांझी हमेशा आवाज उठाते रहे हैं, इसलिए हमारी पार्टी भी राज्यसभा के लिए एक सीट पर दावा कर रही है।”

पांचवीं सीट पर फंसा है पेंच

बिहार की पांच खाली हो रही सीटों में से चार पर एनडीए का पलड़ा भारी है। असली लड़ाई पांचवीं सीट के लिए है, जहां विपक्ष अपनी रणनीति बनाने में जुटा है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) ने इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतारने की इच्छा जताई है। वहीं, आरजेडी के कुछ नेताओं का मानना है कि AIMIM को हिना शहाब (दिवंगत शहाबुद्दीन की पत्नी) का समर्थन करना चाहिए, ताकि उन्हें राज्यसभा भेजा जा सके। हालांकि, यह अभी केवल व्यक्तिगत राय के स्तर पर है और अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को लेना है।

Ankita Chourdia
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