आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने 15 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के बिहार दौरे पर टिप्पणी की है। रविवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पीएम फिर ‘जुमले की बारिश’ करने आ रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि प्रधानमंत्री कभी वास्तविक मुद्दों पर ध्यान नहीं देते, केवल घुसपैठियों और चुनावी बयानबाजी पर फोकस करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के विकास और गरीबों के जीवन में सुधार की बात पीएम नहीं करेंगे। उनका तंज था कि दौरा सिर्फ दिखावे के लिए है, असली समस्याओं की ओर ध्यान नहीं जाएगा।
अस्पताल में किया था औचक निरीक्षण
तेजस्वी यादव ने 13 सितंबर की रात पूर्णिया के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से बातचीत की और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अचानक निरीक्षण से प्रशासन हैरान रह गया। तेजस्वी ने स्वास्थ्य सेवाओं की हालत पर चिंता जताई और राज्य सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि एनडीए सरकार के 20 सालों में बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार कमजोर होती गई है और मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियां उजागर
तेजस्वी यादव ने कहा कि पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में जमीनी हकीकत देखने के बाद ही स्पष्ट होगा कि स्वास्थ्य संस्थानों की हालत कितनी खराब है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि विकास कार्य ठप्प पड़े हैं और अस्पतालों में डॉक्टर, स्टाफ और जरूरी संसाधनों की कमी है। तेजस्वी ने कहा कि कल पीएम मोदी नीतीश कुमार के साथ भी अस्पताल का दौरा कर सकते हैं, जिससे जनता और मरीजों के सामने वास्तविक स्थिति सामने आएगी। उनका तंज था कि केवल दौरा करने से समस्याएं हल नहीं होंगी।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी
तेजस्वी ने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज किया है। वहीं, पीएम मोदी के दौरे को लेकर उनका आरोप है कि यह सिर्फ चुनावी दिखावा है। तेजस्वी ने जनता से अपील की कि वास्तविक विकास और समस्याओं पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मरीजों की सुविधाओं और अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार करना चाहिए। इस तरह राजनीतिक बयानबाजी और प्रशासनिक निरीक्षण दोनों के जरिए तेजस्वी ने पीएम दौरे पर सवाल उठाए।





