बिहार की राजधानी पटना में आज बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 29 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई है। इनमें विभिन्न विभागों में बहाली से लेकर टाउनशिप की जमीन नीति और बड़े निवेश प्रस्तावों तक कई अहम फैसले शामिल हैं। इस बैठक के प्रमुख फैसलों में से एक कई विभागों में लिपिक के पदों पर जल्द बहाली की प्रक्रिया शुरू करना है। कैबिनेट ने आठ विभागों में ‘क्षेत्रीय सामान्य लिपिकीय संवर्ग नियमावली 2026’ के गठन को मंजूरी दी है। इसके तहत जल संसाधन, लघु जल संसाधन, पथ निर्माण, भवन निर्माण, ग्रामीण कार्य, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, योजना एवं विकास और नगर विकास एवं आवास विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भर्ती के लिए सेवा शर्तों और भर्ती प्रक्रिया की तैयारी शुरू करने पर मुहर लगाई गई है। इन प्रक्रियाओं के पूरे होते ही संबंधित पदों पर भर्ती की सूचना जारी की जाएगी, जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
दरअसल एक अन्य बड़े फैसले में बिहार के सैटलाइट टाउनशिप में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक के संबंध में सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कैबिनेट ने उस प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसके तहत जिन जमीन मालिकों को अपनी जमीन बेचनी है या लीज पर देनी है, वे इसे उन निवेशकों को बेच या लीज पर दे सकेंगे, जो सैटलाइट टाउनशिप में जमीन लेने के इच्छुक हैं। यह फैसला क्षेत्र में निवेश और विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इन बड़े फैसलों पर लगी मुहर
सम्राट कैबिनेट ने आशु लिपिक संवर्ग (Stenographer Cadre) नियमावली परीक्षा के लिए न्यूनतम आयु सीमा को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष करने को भी मंजूरी दी है, जिससे अधिक युवा इस पद के लिए आवेदन कर सकेंगे। बुद्धा स्मृति पार्क में स्थित ब्लॉक ए और ब्लॉक बी में निशुल्क ध्यान केंद्र को 10 साल के लिए बढ़ाने का फैसला भी लिया गया है, जो आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा। इसके अलावा ‘सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान 2026’ को भी मंजूरी दी गई है, जिससे तीर्थयात्रियों को सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री होम स्टे प्रोत्साहन योजना 2026 को मंजूरी
दरअसल राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री होम स्टे प्रोत्साहन योजना 2026’ को भी मंजूरी दी गई है, जिसका उद्देश्य घरेलू पर्यटन को मजबूत करना है। यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और आसान बनाने के लिए प्रदेश के 500 स्थानों पर ‘इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (ITMS) लगाने का फैसला लिया गया है, जो सड़क सुरक्षा में सुधार करेगा। बिहार सरकार ने ‘बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति 2023’ में बदलाव करते हुए उत्कृष्ट खिलाड़ियों को कई ग्रेड में नौकरी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिससे खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। सहरसा में निवेश के लिए 88 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जबकि पूर्णिया में एक अरब 85 करोड़ 48 हजार रुपये के निवेश प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दिखाई है। ये निवेश प्रदेश के आर्थिक विकास में मददगार होंगे और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे।






