
बिहार में 17 अगस्त, 2025 से राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और महागठबंधन के सभी नेता सासाराम से वोटर अधिकार यात्रा पर निकलने वाले हैं। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने बताया कि यह यात्रा 16 दिन तक चलेगी और 25 जिलों में लगभग 1300 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इस यात्रा में राहुल गांधी के साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और सीपीआई, सीपीएम के वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे।
महागठबंधन के सभी दलों के नेता रहेंगे शामिल
अखिलेश प्रसाद सिंह ने बताया कि महागठबंधन के सभी दल इस यात्रा में शामिल रहेंगे। उन्होंने कहा कि एसआईआर (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर विभिन्न दलों के लोग पहले चुनाव आयोग से मिल चुके थे। चुनाव आयोग ने कहा था कि 20% लोगों के वोट काटे जा सकते हैं, जबकि उस समय निरीक्षण का काम पूरा नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि अगर 65 लाख लोगों को वोट के अधिकार से वंचित किया जा रहा है और नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी और उनके लोग चुप्पी साधे हुए हैं, तो कांग्रेस उसी तरह जनता की लड़ाई लड़ेगी जैसे स्वतंत्रता आंदोलन में किया गया था।
एनडीए नेताओं के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि एनडीए नेता इस यात्रा को ‘नौटंकी’ बताकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग बिहार की जनता के साथ छल और नौटंकी कर चुके हैं, वही अब यह सब बात कर रहे हैं। हम इसे होने नहीं देंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा जनता में जागरूकता और वोटर अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी है।
नीतीश सरकार और रोजगार पर निशाना
अखिलेश प्रसाद सिंह ने नीतीश सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने 20 साल नीतीश सरकार को दिया, जिसमें लगभग 18 साल बीजेपी और जेडीयू की सरकार रही। इसके बावजूद रोजगार और नौकरी के मुद्दे पर जनता को ठोस लाभ नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि अब नीतीश सरकार भरोसे का पात्र नहीं रही और जनता अब इन पर विश्वास नहीं करेगी। अखिलेश ने कहा कि तेजस्वी यादव के एजेंडे को भी नीतीश सरकार नकल कर रही है, लेकिन 2025 में नीतीश कुमार बिल्कुल मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।
