
बोधगया स्थित अपने आवास पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने रविवार को साफ किया कि अगर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर को मान्यता मिलती है, तो वे आगामी विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग का फैसला करेंगे। मांझी ने कहा कि उनका उद्देश्य साफ है: पार्टी हर हालत में मान्यता प्राप्त करे। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी ने पिछले दस सालों में लगातार मेहनत की है और अब निबंधित पार्टी बनने पर खुद को सम्मानित महसूस करना चाहते हैं। इस बार चुनाव उनके लिए ‘करो या मरो’ जैसा मामला है।
हर विधानसभा में मजबूत पकड़
मांझी ने कहा कि उनकी पार्टी के पास हर क्षेत्र में 10-15 हजार वोटर हैं। मान्यता प्राप्त करने के लिए उन्हें कम से कम आठ सीटें जीतनी होंगी और 6 प्रतिशत वोट हासिल करने होंगे। इसके लिए लगभग 20 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीटों की संख्या और वोट प्रतिशत के हिसाब से पार्टी मान्यता हासिल कर सकती है। मांझी ने बताया कि पार्टी का कार्यकर्ता आधार मजबूत है और चुनाव में मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा।
खर्च नहीं, प्राकृतिक भीड़ पर भरोसा
जीतन राम मांझी ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी मीटिंग या प्रचार में पैसे खर्च नहीं करती। जहां भी वे जाते हैं, वहां प्राकृतिक भीड़ होती है। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए के लोग यह समझते हैं कि उनकी पार्टी सच्चाई और जनसमर्थन पर भरोसा करती है। मांझी ने उम्मीद जताई कि आने वाले चुनाव में पार्टी को पर्याप्त सीटें मिलेंगी और 2025 तक वे मान्यता प्राप्त पार्टी बन जाएँगे। उनके अनुसार, यही उनका मुख्य लक्ष्य है।
राहुल गांधी और पीएम मोदी पर तंज
मांझी ने राहुल गांधी पर भी कटाक्ष किया और कहा कि वे दोगली बातें करते हैं। उन्होंने पीएम मोदी की मणिपुर यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि मोदी ने भारी बारिश में भी सड़क मार्ग से 8,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। मांझी ने कांग्रेस और पप्पू यादव के उपराष्ट्रपति चुनाव संबंधी आरोपों पर भी टिप्पणी की और कहा कि लोकतंत्र में धमकाना उचित नहीं है। उनका कहना था कि सबने विवेक से मतदान किया और परिणाम में सभी को संतोषजनक हिस्सेदारी मिली।
