
बिहार की राजनीति में एक बार फिर विवाद गहराया है। मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर आपत्तिजनक शब्द कहे जाने का है। इस पर आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव भड़क गए। उन्होंने साफ कहा कि मां का सम्मान हर हाल में होना चाहिए। जो लोग गाली देने का काम कर रहे हैं, उन पर तुरंत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। तेज प्रताप ने इसे गंभीर अपमान बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
तेज प्रताप यादव ने क्या कहा?
तेज प्रताप यादव ने रविवार को बयान जारी कर कहा, “हमने पहले भी कहा है और अब भी कह रहे हैं कि मां तो मां होती है। नौ महीने गर्भ में रखकर वह संतान को जन्म देती है। जो लोग इस पवित्र शब्द का अपमान कर रहे हैं, वे माफी के लायक नहीं हैं। हम केंद्र और राज्य सरकार दोनों से मांग करते हैं कि जिन लोगों ने प्रधानमंत्री की मां पर उंगली उठाई है, उन्हें तुरंत जेल भेजा जाए।” इतना ही नहीं, तेज प्रताप ने महुआ के विधायक मुकेश रोशन पर भी निशाना साधते हुए उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की।
तेजस्वी यादव की सभा में लगे नारे
पूरा मामला उस समय का है जब बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव शनिवार को ‘बिहार अधिकार यात्रा’ के तहत महुआ में सभा कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री की मां के खिलाफ अपमानजनक नारे लगाए। उनके हाथों में आरजेडी के झंडे भी थे और साथ ही उन्होंने बीजेपी के खिलाफ भी नारेबाजी की। हालांकि उस समय मंच पर मौजूद नेताओं ने इस पर खास ध्यान नहीं दिया। लेकिन अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और बीजेपी इस मामले पर आक्रामक रुख अपना चुकी है।
बीजेपी हमलावर, तेज प्रताप का अल्टीमेटम
वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी नेताओं, मंत्रियों और विधायकों ने तेजस्वी यादव और आरजेडी पर तीखा हमला बोला। इसी बीच, तेज प्रताप यादव ने भी मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने कहा कि अगर महुआ के विधायक मुकेश रोशन को जेल नहीं भेजा गया तो जनशक्ति जनता दल महुआ में आंदोलन करेगा। तेज प्रताप ने यह भी दोहराया कि मां के शब्द का अपमान किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खास बात यह है कि कई बार आरजेडी पर तंज कसने वाले तेज प्रताप ने इस बार सीधे भाई तेजस्वी यादव पर कुछ भी नहीं कहा।
