
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। एसआईआर के विरोध में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के बीच एनडीए ने ‘सुशासन का सार, आपके द्वार अभियान’ शुरू किया। बिहार प्रदेश महिला जदयू के नेतृत्व में यह अभियान रविवार से शुरू हुआ और इसका मुख्य उद्देश्य महिला वोटरों को जोड़ना और उनकी समस्याओं को समझना है।
हरी झंडी दिखाकर गाड़ियों को रवाना किया
पटना में सैकड़ों गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर जदयू कार्यालय से रवाना किया गया। इस मौके पर बिहार जदयू अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, एलजेपीआर अध्यक्ष राजू तिवारी, हम और आरएलएम के प्रदेश अध्यक्ष मौजूद रहे। गाड़ियों में महिला नेत्रियां शामिल थीं और पोस्टरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीरें लगी थीं। पोस्टर पर लिखा था—“2025 फिर से नीतीश, सुशासन का सार, आपके द्वार अभियान, नहीं थमेगी विकास की रफ्तार, फिर से एनडीए सरकार।”
गांव-गांव में महिला नेत्रियों की सक्रियता
अभियान के तहत महिला नेत्रियां बिहार के हर गांव में जाएंगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महिलाओं के सशक्तिकरण और विकास योजनाओं की जानकारी देना और उनकी समस्याओं का फीडबैक लेना है। अभियान के जरिए एनडीए यह संदेश देना चाहती है कि महिला वोटर बिहार में न केवल महत्वपूर्ण हैं बल्कि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। बिहार में महिला वोटर कुल वोटरों का करीब 48% हैं, इसलिए यह अभियान एनडीए के लिए अहम माना जा रहा है।
महागठबंधन की मुकाबला रणनीति और एनडीए का रुख
महागठबंधन भी महिला वोटरों पर नजर रखे हुए है। तेजस्वी यादव और कांग्रेस ने ‘माई बहिन मान योजना’ का ऐलान किया है, जिसके तहत गरीब महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “राहुल गांधी का राजनीतिक पर्यटक के रूप में बिहार में स्वागत है। पटना एयरपोर्ट पर उतरते ही नीतीश जी के विकास का चेहरा मार्बल में झलकेगा। आपके राजनीतिक ऐनक में केवल नरसंहार, अपराध और लूट ही दर्ज़ है।”
एनडीए का यह महिला नेतृत्व अभियान चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें विकास कार्यों की जानकारी साझा करने के साथ-साथ महिला वोटरों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
