बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर राज्यव्यापी यात्रा पर निकलने वाले हैं। इसे ‘समृद्धि यात्रा’ का नाम दिया गया है जो 16 जनवरी से शुरू होगी। राज्य सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य राज्य के विकास कार्यों की जमीनी समीक्षा, सरकारी योजनाओं की प्रगति का आकलन तथा जनता से सीधा संवाद करना है।
मुख्यमंत्री की आगामी यात्रा को बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने राज्य के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल बताया है। उन्होंने कहा कि मंत्री हर वर्ष इस तरह की यात्राओं पर निकलते रहे हैं और इसका सीधा लाभ राज्य को मिलता रहा है।
नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 जनवरी से राज्यव्यापी समृद्धि यात्रा पर निकलने जा रहे हैं। उनकी जनसंपर्क और विकास समीक्षा की परंपरा की यह 16वीं यात्रा होगी। इस यात्रा को राज्य सरकार भविष्य के विकास रोडमैप से जोड़कर देख रही है, खासतौर पर ऐसे समय में जब सरकार अगले पांच वर्षों को “बड़ी आर्थिक छलांग” का काल मान रही है। मुख्यमंत्री ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान सभी 38 जिलों का दौरा करेंगे और जनता की समस्याओं को सुनकर समाधान के लिए पहल करेंगे।
राज्य के विकास का रोडमैप तैयार होगा
मुख्यमंत्री हर वर्ष इस तरह की यात्राओं के माध्यम से जमीनी कार्यकर्ताओं, पंचायती प्रतिनिधियों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद करते हैं। इसका उद्देश्य योजनाओं की वास्तविक स्थिति समझना और यह जानना होता है कि किन स्तरों पर क्रियान्वयन में बाधा आ रही हैं। पूर्व की कई यात्राओं से मिले फीडबैक के आधार पर ही कई योजनाओं में संशोधन और नई पहलों की शुरुआत की गई है, जिनका प्रत्यक्ष लाभ राज्य को मिला है।
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा ‘बड़ी छलांग के लिए तैयार बिहार’
मुख्यमंत्री की आगामी यात्रा को बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि उनकी इस यात्रा से प्रदेश को काफी लाभ होगा। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि “सीएम हर साल इस तरह की यात्रा पर निकलते रहे हैं। प्रयास रहता है कि जमीनी कार्यकर्ताओं से मिलकर, जनप्रतिनिधियों से बात कर विभिन्न योजनाओं की जानकारी लेते हैं। इससे भविष्य की योजनाएं तैयार होती हैं। जब जब ऐसी यात्रा हुई है उसका लाभ बिहार को मिला है। इस यात्रा से भी बिहार को फायदा होगा। इसका नाम भी ‘समृद्धि यात्रा’ रखा गया है। हम कहते हैं कि आने वाले पांच साल बड़ी छलांग लगाने का समय है और अगर हम ठीक से राष्ट्रीय आर्थिक स्थिति के साथ तालमेल बिठाकर चलें तो एक समृद्ध बिहार के लिए बड़ी छलांग हो सकती है। ये यात्रा बिहार की समृद्धि के लिए हितकारी होगी।”






