
मंगलवार (29 जुलाई, 2025) को संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष चर्चा हुई। इस दौरान अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी इस पर अपनी बात रखी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सच्चाई सामने रखनी चाहिए और अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए। पप्पू यादव के मुताबिक, पुलवामा से लेकर उरी तक कई आतंकी हमले हुए लेकिन प्रधानमंत्री ने कभी इस पर खुलकर बोलना जरूरी नहीं समझा।
‘सच बोलने की हिम्मत होनी चाहिए’
पप्पू यादव ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को सच्चाई बताने का साहस होना चाहिए। उन्होंने कहा, “क्षमा मांगने की ताकत होनी चाहिए, सच बोलने की हिम्मत होनी चाहिए। लेकिन प्रधानमंत्री कभी इस पर बोलते नहीं हैं।” ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान उन्होंने पुलवामा और उरी हमलों का जिक्र किया और कहा कि इन घटनाओं पर भी प्रधानमंत्री ने चुप्पी साधी रही। पप्पू यादव के बयान से यह साफ झलकता है कि वह सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
#WATCH दिल्ली: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर विशेष चर्चा पर कहा, “… स्थिति अच्छी नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी को सच्चाई को सामने लाना चाहिए। उन्हें अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए। सच कहने की हिम्मत होनी चाहिए।” pic.twitter.com/BZEMKUs3OF
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 29, 2025
‘रूस ने हमारा समर्थन नहीं किया, स्थिति अच्छी नहीं’
पप्पू यादव ने भारत की विदेश नीति और मौजूदा कूटनीतिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में पहली बार रूस ने भारत का समर्थन नहीं किया। उनके अनुसार, इस बार इजराइल के अलावा किसी भी देश ने खुलकर भारत का साथ नहीं दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि इंटेलिजेंस इनपुट के बावजूद पहलगाम क्यों खोला गया और इसका फैसला किसने लिया? उन्होंने चेतावनी दी कि यह स्थिति देश के लिए अच्छी नहीं है और इससे भारत की वैश्विक छवि पर असर पड़ सकता है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ की पृष्ठभूमि
बता दें कि पहलगाम हमले की घटना के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया था, जिसके तहत कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। इस दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव इतना बढ़ा कि युद्ध जैसी स्थिति बन गई। हाल ही में ‘ऑपरेशन महादेव’ भी चलाया गया, जिसमें सुलेमान उर्फ फैजल, अफगानी और जिब्रान नाम के तीन आतंकवादी मारे गए। संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस पर जानकारी देते हुए बताया कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत से संपर्क किया, जिसके बाद संघर्ष को विराम दिया गया। लेकिन पप्पू यादव का कहना है कि इन घटनाओं पर प्रधानमंत्री को खुद आकर देश और संसद के सामने सच बताना चाहिए।
