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पटना NEET छात्रा केस CBI को ट्रांसफर, तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर हमला, बोले- यह ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ है

Written by:Shyam Dwivedi
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पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा से दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच अब CBI करेगी। इस फैसले पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे प्रशासनिक विफलता और जनता का ध्यान भटकाने की साजिश करार दिया है।
पटना NEET छात्रा केस CBI को ट्रांसफर, तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर हमला, बोले- यह ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ है

पटना: राजधानी पटना में NEET छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे लेकर नीतीश सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने इसे राज्य के प्रशासनिक तंत्र की पूरी विफलता बताते हुए सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है।

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उनका आरोप है कि सरकार बलात्कारियों और अपराधियों के साथ ‘मेहमानों’ जैसा व्यवहार कर रही है और उन्हें बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।

‘यह जांच नहीं, हेडलाइन मैनेजमेंट है’

तेजस्वी यादव ने CBI जांच की सिफारिश को ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सिर्फ जनता का ध्यान मुख्य मुद्दे से भटकाने के लिए लिया गया है।

“मामले का खुलासा करने के बजाय सरकार ने CBI जांच का रास्ता चुना, जिससे यह साबित होता है कि बिहार का प्रशासनिक ढांचा भ्रष्ट, अयोग्य और अनप्रोफेशनल है।”- तेजस्वी यादव

उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य की पुलिस 20 दिनों में भी कोई ठोस नतीजा नहीं दे सकी, तो सरकार किस आधार पर अपराधियों को पकड़ने का दावा करती है। राजद नेता ने नवरुणा कांड का जिक्र करते हुए CBI की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में CBI भी सालों तक जांच के बाद दोषियों तक नहीं पहुंच पाती और अंत में केस बंद कर देती है।

‘जंगलराज’ के नारे पर किया पलटवार

तेजस्वी यादव ने NDA पर तंज कसते हुए पूछा कि चुनाव में ‘जंगलराज’ का नारा लगाने वाले अब चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में बिहार की कानून-व्यवस्था खुद सवालों के घेरे में है और इसके लिए सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि इस गंभीर मामले पर पुलिस के आला अधिकारियों और गृह विभाग की चुप्पी इसे और भी संदिग्ध बना रही है।

क्या है पूरा मामला?

जहानाबाद की रहने वाली एक छात्रा पटना के एक हॉस्टल में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी। 6 जनवरी को वह अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन मृतका के परिजनों ने यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया। बाद में पुलिस जांच में भी यह बात सामने आई कि छात्रा के साथ कुछ गलत हुआ था, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच CBI को सौंपी गई है।