प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (मंगलवार, 02 सितंबर) बिहार को बड़ा तोहफा देने वाले हैं। दोपहर साढ़े 12 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम मोदी बिहार राज्य जीविका निधि शाखा सहकारी संघ लिमिटेड का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी ग्रामीण महिला उद्यमियों यानी जीविका दीदियों के बैंक अकाउंट में 105 करोड़ रुपये ट्रांसफर करेंगे। कार्यक्रम में पीएम मोदी जीविका दीदियों को संबोधित भी कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा कि बिहार की माताओं, बहनों और बेटियों के पास अवसरों की कोई कमी न रहे, इसके लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे।
जीविका निधि का उद्देश्य
पीएम मोदी ने बताया कि जीविका निधि की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और सामुदायिक सदस्यों को सस्ती ब्याज दरों पर आसानी से धन उपलब्ध कराना है। सभी पंजीकृत क्लस्टर-स्तरीय फेडरेशन इस संस्था के सदस्य होंगे। इसके संचालन के लिए बिहार सरकार और केंद्र सरकार दोनों योगदान करेंगी। इस पहल से ग्रामीण महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय को बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलेगा। योजना का लाभ सीधे जीविका दीदियों तक पहुंचेगा और बिहार की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेगा।
जीविका दीदियों की उपलब्धियां
सीएम नीतीश कुमार ने 2006 में विश्व बैंक से लोन लेकर जीविका की स्थापना की थी। आज बिहार में 10 लाख 51 हजार स्वयं सहायता समूह हैं और एक करोड़ 31 लाख महिलाएं इसमें शामिल हैं। पिछले डेढ़ दशक में बिहार की जीविका दीदियों ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ा योगदान दिया है। केवल पांच वर्षों में बिहार की जीविका दीदियों ने आंध्र प्रदेश की आजीविका दीदियों को पीछे छोड़ दिया है। आंकड़ों के अनुसार, बिहार की महिलाएं देशभर में सबसे ज्यादा 70 कंपनियां चला रही हैं।
पीएम मोदी का संदेश
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि बिहार की माताओं, बहनों और बेटियों के पास अवसरों की कमी न रहे, इसके लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। आज का यह उद्घाटन और 105 करोड़ रुपये का ट्रांसफर इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री का यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में है। इससे महिलाएं अपनी खुद की कंपनियां चला सकेंगी और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
बिहार में महिलाओं की बढ़ती भूमिका
बिहार की जीविका दीदियों ने पिछले वर्षों में न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेतृत्व और उद्यमिता में भी बढ़त हासिल की है। राज्य में महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की यह पहल देशभर में मिसाल बन चुकी है। आज के कार्यक्रम से बिहार की जीविका दीदियों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से महिलाएं अब अपने व्यवसाय को और बढ़ा सकेंगी। इससे ग्रामीण समाज में महिलाओं की भूमिका और मजबूत होगी और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।





