राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शनिवार (14 सितंबर) को पूर्णिया स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की और अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं पर गंभीर सवाल उठाए। तेजस्वी ने दावा किया कि अस्पताल में बिस्तरों, डॉक्टरों और नर्सों की भारी कमी है। कई विभागों में प्रोफेसरों के पद खाली हैं और केवल 20 प्रतिशत पदों पर ही नियुक्तियां हुई हैं। अस्पताल में दवाइयों, ट्रॉमा सेंटर और ICU जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
NDA की 20 साल की सरकार पर तेजस्वी ने उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बिहार में एनडीए की सत्ता 20 साल से है और पीएम नरेंद्र मोदी 11 साल से देश के प्रधानमंत्री हैं, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति जस की तस है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने लंबे शासनकाल में भी मरीजों को डॉक्टर, दवाइयां और आवश्यक इलाज क्यों नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना था कि यह जनता के साथ अन्याय है और सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। तेजस्वी ने इसे बिहार में विकास की गंभीर कमी का उदाहरण बताया।
मरीजों की समस्याओं से तेजस्वी ने किया अवगत
मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत के दौरान तेजस्वी ने सुना कि अस्पताल में समय पर इलाज और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं है। कई मरीजों को निजी दवाइयों पर निर्भर रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है। तेजस्वी ने जोर देकर कहा कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने इसे बिहार में आम जनता की जान और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।
स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार की मांग
तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार से नीति निर्धारण और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए तो लोगों की जान लगातार खतरे में रहेगी। तेजस्वी ने भरोसा दिलाया कि राजद जनता की समस्याओं को लगातार उठाता रहेगा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। उनका कहना था कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के बिना बिहार का विकास अधूरा रहेगा।




