बिहार की सियासत में फिर हलचल मच गई है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जोरदार हमला बोला है। बेगूसराय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ‘भ्रष्ट सरकार के ईमानदार मुख्यमंत्री’ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके करीबी मंत्री और अफसर विदेशों में प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, जबकि बिहार में लोग गरीबी में जी रहे हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर उनकी पार्टी की सरकार बनी तो लूटे गए पैसे जब्त कर दोषियों को जेल भेजा जाएगा। बेगूसराय में उनकी बड़ी सभा हुई।
नीतीश कुमार पर आरोप और कार्रवाई की चेतावनी
प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार के आसपास रहने वाले कई मंत्री और अधिकारियों ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में संपत्ति खरीदी है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग गरीबी में जीवन यापन कर रहे हैं, जबकि ये लोग भ्रष्टाचार के पैसे से विदेश में घर बना रहे हैं। पीके ने साफ कहा कि अगर नवंबर में जन सुराज की सरकार बनी तो इन भ्रष्ट नेताओं और अफसरों को जेल भेजा जाएगा और उनके परिवार से लूटे गए पैसे जब्त कर लिए जाएंगे। उन्होंने इसे बिहार की जनता से किया गया बड़ा वादा बताया।
बेगूसराय को क्रांतिकारियों की धरती बताया
बेगूसराय में अपनी ‘बिहार बदलाव यात्रा’ के तहत पहुंचे प्रशांत किशोर ने बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में सभा की। यह क्षेत्र बिहार सरकार के खेल मंत्री का है, लेकिन पीके ने इसे क्रांतिकारियों की धरती बताया। उन्होंने कहा कि देश में कोई बड़ा आंदोलन ऐसा नहीं है जिसकी शुरुआत बेगूसराय से न हुई हो। उन्होंने युवाओं से जुड़ते हुए कहा कि यह भूमि बदलाव की ताकत रखती है। उन्होंने बीजेपी नेताओं पर भी पलटवार करते हुए चुनौती दी कि कोई नेता इस सभा में आए जितने लोग हैं, उतने लोगों को बुलाकर दिखाए, ताकि पता चल सके असली जन नेता कौन है।
युवाओं और बुजुर्गों के लिए वादे
सभा में प्रशांत किशोर ने बड़ा वादा करते हुए कहा कि इस साल बिहार की बदहाली की आखिरी दिवाली और छठ होगी। उन्होंने कहा कि छठ के बाद युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें 10-12 हजार रुपये की मजदूरी यहीं मिल सकेगी। साथ ही, 60 साल से अधिक उम्र के हर पुरुष और महिला को 2000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। उन्होंने सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने तक बच्चों की फीस सरकार से भरने का भी वादा किया। पीके ने इसे बिहार में बदलाव लाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।





