
बेगूसराय में चल रही वोटर अधिकार यात्रा के दौरान पत्रकारों ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। इस पर राहुल गांधी ने सीधे जवाब देने से बचते हुए महागठबंधन की मजबूती की बात कही। उनके इस रुख ने विपक्षी राजनीति में हलचल पैदा कर दी। राहुल ने जोर देकर कहा कि महागठबंधन एकजुट है और जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता का पलटवार
बिहार सरकार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने इस सवाल पर राहुल गांधी और कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘लालू यादव कांग्रेस और राहुल गांधी को मानने को तैयार हैं, लेकिन कांग्रेस तेजस्वी को स्वीकार करने को तैयार नहीं है।’ उन्होंने महागठबंधन में घमासान की बात करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के लिए मानने का सवाल ही नहीं उठता।
एनडीए का लक्ष्य: 225 सीटें
सुरेंद्र मेहता ने विधानसभा चुनाव में एनडीए के लक्ष्य का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि एनडीए ने 225 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है और ‘225 और फिर से नीतीश’ का नारा अब कार्यकर्ताओं के बीच जोर पकड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही एनडीए चुनाव लड़ेगा और मुख्यमंत्री भी वही बनेंगे।
बछवारा में कार्यकर्ता सम्मेलन
सुरेंद्र मेहता ने बताया कि 28 अगस्त को बछवारा विधानसभा क्षेत्र के मंसुरचक में एनडीए का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य रणनीति तैयार करना है कि कैसे एनडीए 225 सीटों का लक्ष्य पूरा करे। इसके लिए जनता के बीच विकास के मुद्दों को लेकर प्रचार किया जाएगा और पार्टी के संदेश को सीधे लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
जनता के मुद्दों पर फोकस
सुरेंद्र मेहता ने जोर देकर कहा कि एनडीए का अभियान विकास और जनकल्याण पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का ध्यान केवल सत्ता के झगड़ों और परिवारवाद पर है, जबकि एनडीए जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता के बीच जाकर नीतीश कुमार के नेतृत्व और एनडीए की उपलब्धियों को विस्तार से समझाएं।
