कांग्रेस नेता राहुल गांधी बिहार में अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के तहत लगातार दौरे कर रहे हैं। यह यात्रा 17 अगस्त, 2025 को सासाराम से शुरू हुई थी। इसके दौरान उन्होंने वोट चोरी के मुद्दे को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग को घेरा है, सवाल पूछे हैं और जवाब मांगे हैं। कांग्रेस के कई नेता राहुल गांधी को बिहार में जननायक के रूप में संबोधित कर रहे हैं। यात्रा के इस क्रम में उनकी सक्रियता ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है और विपक्ष की गतिविधियों पर नजरें जमी हुई हैं।
JDU मंत्री का तंज: ‘बिहार में जननायक, दिल्ली में राष्ट्रपिता’
मंगलवार (19 अगस्त, 2025) को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान JDU कोटे के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि बिहार में कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी को जननायक बना दिया है, अब वह दिल्ली जाएंगे तो राष्ट्रपिता बन जाएंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि इनकी सोच दिवालियापन वाली है और सही सोच वाला आदमी इस तरह की बातें नहीं कर सकता। उनका कहना था कि राहुल गांधी के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है इसलिए वह ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाल रहे हैं।
संविधान और वोटर बनने की शर्तें
विजय कुमार चौधरी ने कहा कि जो जीवित हैं उनका नाम काट दिया गया है, तो चुनाव आयोग पहले ही कह चुका है कि कोई भी त्रुटि होने पर शिकायत की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वोटर बनने के लिए सबसे पहले नागरिक होना जरूरी है और यह संविधान में अच्छे से लिखा है। मंत्री ने कांग्रेस को सुझाव दिया कि पहले संविधान को पढ़ना चाहिए। उनका कहना था कि यह जानकारी सभी नागरिकों तक सही तरीके से पहुंचानी चाहिए ताकि भ्रम की स्थिति न बने।
सकारात्मक दृष्टिकोण: ‘बिहार में राहुल गांधी का होना शुभ’
हालांकि, JDU नेता विजय कुमार चौधरी ने राहुल गांधी के बिहार में होने को शुभ संकेत बताया। उन्होंने कहा कि यह एनडीए सरकार के लिए आनंद का विषय है और राजनीतिक दृष्टि से यह उनकी जीत के लिए अच्छा होगा। मंत्री ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के बिहार में मौजूद होने से जनता में जागरूकता बढ़ेगी और चुनावी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाएगा। इस प्रकार, उनके दौरे को राजनीतिक नजाकत और सकारात्मक संदेश दोनों के रूप में देखा जा रहा है।





