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Voter Adhikar Yatra: आज सासाराम से शुरू होगी राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’, महागठबंधन के तमाम नेता होंगे शामिल

Written by:Deepak Kumar
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Voter Adhikar Yatra: आज सासाराम से शुरू होगी राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’, महागठबंधन के तमाम नेता होंगे शामिल

बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी रविवार को रोहतास जिले के सासाराम से ‘वोटर अधिकार यात्रा’ शुरू करने जा रहे हैं। राहुल गांधी हेलीकॉप्टर से एसपी जैन कॉलेज में 11:45 बजे पहुंचेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य राज्य में चल रहे एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के जरिए मताधिकार पर कथित हमले को उजागर करना और “वोट चोरी” के खिलाफ जन आंदोलन बनाना है।

डेहरी और औरंगाबाद तक यात्रा का विस्तार

सासाराम से यात्रा की शुरुआत के बाद राहुल गांधी डेहरी के सुअरा हवाई अड्डा के मैदान में 12 बजे सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद 4 बजे भोजन करके सभा स्थल से डेहरी ऑन सोन की ओर प्रस्थान करेंगे और फिर वहां से औरंगाबाद की दिशा में आगे बढ़ेंगे। यह यात्रा 16 दिनों तक चलेगी और गयाजी, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, छपरा और आरा जिलों से होकर गुजरेगी।

महागठबंधन के नेता साथ होंगे

इस 16 दिन की यात्रा में राहुल गांधी के साथ बिहार में महागठबंधन में शामिल कई बड़े नेता भी शामिल होंगे। यात्रा का समापन 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में एक रैली के साथ होगा। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तीन दिन – 20, 25 और 31 अगस्त – विश्राम के लिए रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव और वामपंथी दलों सहित अन्य इंडिया ब्लॉक सहयोगी भी इस यात्रा का हिस्सा होंगे।

चुनाव आयोग पर आरोप और सामाजिक न्याय का मुद्दा

खेड़ा ने आरोप लगाया कि एसआईआर के माध्यम से भाजपा लाखों मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की साजिश कर रही है, जिनमें दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक, गरीब और दिहाड़ी मजदूर शामिल हैं। सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्या और सीपीएम पदाधिकारी सुभाषिनी अली भी इस यात्रा में शामिल होंगे। पवन खेड़ा ने कहा कि यह यात्रा ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और बिहार में लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता को इस आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया।