पटना फायरिंग मामले में खान सर और सुरक्षा गार्डों को कोर्ट से राहत, अग्रिम जमानत याचिका मंजूर

पटना कोचिंग सेंटर फायरिंग मामले में आज कोर्ट ने जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाया है। खान सर और उनके दोनों बॉडीगार्ड की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर दी गई है।
Khan Sir

बिहार की राजधानी पटना कोचिंग विवाद मामले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मामले में फैजल खान उर्फ खान सर और उनके दोनों बॉडीगार्ड्स को कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए तीनों की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है। कोर्ट के इस फैसले के बाद खान सर और उनके समर्थकों में खुशी की लहर है।

बता दें कि खान सर के वकील अरविंद कुमार मउआर ने बताया कि कोर्ट ने सबसे पहले खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे मंजूर कर लिया। इसके बाद कोर्ट ने उनके अन्य सहयोगियों की अग्रिम जमानत याचिकाओं को भी मंजूर कर लिया है।

खान सर और बॉडीगार्ड्स को कोर्ट से राहत

खान सरकार के वकीन ने आगे कहा कि मामले में दूसरे पक्ष की ओर से अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया गया था, लेकिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कानून के प्रावधानों के अनुरूप फैसला सुनाते हुए खान सर, उनके सहयोगियों और दोनों सुरक्षा गार्डों को जमानत प्रदान कर दी।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि यह पूरा मामला 2 जून की रात पटना के मुसल्लहपुर इलाके में कोचिंग संस्थान के पास हुई मारपीट और फायरिंग की घटना से संबंधित है। जिसके बाद इस मामले में खान सरकार का नाम भी सामने आया था और मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि इस दौरान खान सर के सुरक्षा कर्मियों ने गोलीबारी की थी। इस बीच मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद का नाम भी सामने आया। पुलिस जांच के दौरान खान सर के दोनों बॉडीगार्ड को गिरफ्तार किया गया था।

इस घटना के बाद इससे जुड़े कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे जिनके आधार पर पुलिस ने जांच तेज कर दी। वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों बॉडीगार्ड को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं, मामले में आरोपी बनाए गए ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

खान सर ने कोर्ट में दाखिल की थी जमानत याचिका

इस घटना में मामला दर्ज होने के बाद खान सर समेत अन्य आरोपितों ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पहले फैसला सुरक्षित रखा था। सोमवार को कोर्ट ने अपना आदेश सुनाते हुए खान सर और अन्य आरोपितों को राहत दे दी।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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