बिहार में इन दिनों आवासीय प्रमाण पत्र (Residential Certificate) बनाने के लिए अजीबोगरीब ऑनलाइन फेक आवेदन लगातार सामने आ रहे हैं। पटना और मोतिहारी के बाद अब नवादा जिले के सिरदला अंचल कार्यालय में मंगलवार को एक नया मामला आया, जिसने प्रशासन को हैरान कर दिया। इस बार आवेदन ‘डॉगेश बाबू’ नाम से किया गया है, जिसमें एक पालतू कुत्ते की तस्वीर लगाई गई है। यह देख अंचल कार्यालय के कर्मचारी और अधिकारी दोनों चौंक गए।

पालतू कुत्ते की फोटो से हुआ खुलासा

जानकारी के मुताबिक, सिरदला अंचल कार्यालय के आरटीपीएस पोर्टल पर एक आवेदन आया जिसमें नाम ‘डॉगेश बाबू’ दर्ज था। आवेदक के पिता का नाम ‘डॉगेश के पापा’ और मां का नाम ‘डॉगेशा की मम्मी’ लिखा हुआ था। आवेदन में गांव, वार्ड, पोस्ट और प्रखंड की जानकारी भी दी गई थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि पहचान के तौर पर एक पालतू कुत्ते की फोटो लगाई गई थी। आरटीपीएस कर्मी ने इसे संदिग्ध मानते हुए तुरंत अंचल अधिकारी अभिनव राज को सूचित किया।

डीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए नवादा के जिलाधिकारी रवि प्रकाश ने तत्काल जांच के आदेश दिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने साफ कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं के साथ इस तरह की छेड़छाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि यह घटिया हास्य-व्यंग्य का प्रयास है और इसके लिए एफआईआर दर्ज की जाएगी। डीएम ने चेतावनी दी कि सरकारी कागजात के साथ मजाक करने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहला मामला नहीं है जब बिहार में इस तरह के फर्जी और मजाकिया आवेदन सामने आए हों। कुछ दिनों पहले पटना के मसौढ़ी अंचल कार्यालय में एक डॉग के नाम पर वैध आवासीय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया था, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। अब सिरदला के ‘डॉगेश बाबू’ मामले ने एक बार फिर सरकारी दस्तावेजों की सत्यता और ऑनलाइन वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब ऐसे मामलों को रोकने और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में सरकारी कागजात के साथ इस तरह का मजाक दोबारा न हो।