
बिहार विधानसभा चुनाव में राजनीतिक गर्मी बढ़ती जा रही है। एक तरफ बीजेपी नीत एनडीए और दूसरी तरफ कांग्रेस नीत INDIA अलायंस चुनावी मैदान में है, वहीं अब ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती भी राजनीति में कदम रख रहे हैं। उन्होंने 225 सीटों पर प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है। साथ ही वह 12 सितंबर 2025 से बिहार में 45 दिनों की गौ रक्षा संकल्प यात्रा शुरू कर रहे हैं। उनका उद्देश्य गौ हत्या रोकना और गौ रक्षा के लिए समर्थन जुटाना है। इस मुद्दे को लेकर वे सियासी माहौल में बड़ा बदलाव लाना चाहते हैं।
गौ रक्षा का मुद्दा और दोहरे चरित्र पर हमला
शंकराचार्य ने कहा कि सबका साथ सबका विकास कहने वाले लोग वास्तव में गौ हत्या करने वालों का भी समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि हम दोहरा चरित्र नहीं अपनाना चाहते, इसलिए बिहार की सभी 225 सीटों पर प्रत्याशी उतार रहे हैं। उनका मानना है कि गाय की पूजा करने वालों की आवाज को बुलंद करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिस देश में गंगा बहती है, वहीं गाय काटी जाती है, यह शर्म और लज्जा का विषय है। शंकराचार्य का कहना है कि गौ रक्षा के मुद्दे को चुनाव का केंद्र बनाकर ही समाज में बदलाव लाया जा सकता है।
बिहार में राजनीतिक दलों से संवाद और गौ रक्षा का एजेंडा
शंकराचार्य ने बताया कि वे बिहार के सभी राजनीतिक दलों से मिल चुके हैं, लेकिन किसी ने गौ रक्षा की बात नहीं की। इसलिए उन्होंने खुद आगे बढ़कर संकल्प यात्रा शुरू करने का फैसला किया है। उनका उद्देश्य है कि जनता जान सके कौन गौ रक्षा के समर्थन में है और कौन गौ हत्या का समर्थन करता है। वे कहते हैं कि यह मुद्दा चुनाव में बड़ा असर डालेगा और समाज में जागरूकता लाएगा। उन्होंने इसे देश में बदलाव का माध्यम बताया, जो स्वर्णिम युग की ओर ले जा सकता है।
संकल्प यात्रा से बदलाव की उम्मीद
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का कहना है कि वर्तमान समय स्वर्णिम युग के विपरीत चल रहा है। समाज में नकारात्मकता बढ़ रही है, इसलिए गौ रक्षा को लेकर अभियान चलाना जरूरी है। वे चाहते हैं कि लोग समझें कि गाय की सुरक्षा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी भी है। संकल्प यात्रा के जरिए वे गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद करेंगे और यह बताएंगे कि कौन गौ हत्या का समर्थन कर रहा है। उनका दावा है कि यह अभियान न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरे देश में बड़ा परिवर्तन लाने का रास्ता खोल सकता है।
