बिहार में ‘डर अच्छा है’, पर 20 साल क्या कर रहे थे? आशा-ममता कार्यकर्ताओं पर तेजस्वी का ‘जबरदस्त’ तंज!

बिहार में ‘डर अच्छा है’, पर 20 साल क्या कर रहे थे? आशा-ममता कार्यकर्ताओं पर तेजस्वी का ‘जबरदस्त’ तंज!

बिहार सरकार ने बुधवार को आशा और ममता कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी घोषणा की है। अब आशा कार्यकर्ताओं को पहले की तरह 1,000 रुपये नहीं बल्कि 3,000 रुपये प्रति माह प्रोत्साहन राशि मिलेगी। वहीं, ममता कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव 300 रुपये की जगह 600 रुपये दिए जाएंगे। यह कदम लंबे समय से चल रही मांग के बाद उठाया गया है। हालांकि, इस घोषणा पर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

तेजस्वी यादव का पलटवार

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घोषणा को अपनी पहल का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि जब वे 17 महीने तक स्वास्थ्य मंत्री थे, तब ही आशा और ममता कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जो अंतिम चरण में थी। लेकिन तभी सरकार ने पलटी मार ली और यह काम अटक गया। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार दो साल तक इस फैसले पर बैठी रही और अब चुनाव से पहले इसे लागू करने पर मजबूर हुई।
तेजस्वी ने कहा, “सरकार ने हमारी इस मांग को पूरी तरह लागू नहीं किया। इन्हें केवल प्रोत्साहन राशि नहीं बल्कि मानदेय मिलना चाहिए, जिसे हम अपनी सरकार में लागू करेंगे।”

“अन्य मानदेय में भी बढ़ोतरी करनी होगी”

तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि आशा और ममता कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका और रसोइयों के मानदेय में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार आने पर यह मांगें पूरी की जाएंगी। तेजस्वी ने अपनी 17 महीने की कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उन्होंने विकास मित्र, शिक्षा मित्र/टोला सेवक, तालीमी मरकज और पंचायती राज जनप्रतिनिधियों का मानदेय पहले ही बढ़ा दिया था।

तेजस्वी का सीधा हमला

तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा, “20 साल से ये लोग क्या मूंगफली छील रहे थे? हमारी घोषणाओं का मजाक उड़ाते थे, लेकिन अब सत्ता जाते देख दौड़ पड़े हैं।” उन्होंने कहा कि इस सरकार में न विजन है, न नई सोच, बल्कि यह विपक्ष की घोषणाओं की नकल कर रही है। तेजस्वी की ओर से एक AI जनरेटेड वीडियो भी जारी किया गया, जिसमें लिखा था – “सब कुछ तेजस्वी का ही नकल करोगे या अपनी भी अक्ल लगाओगे?”

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