इंदौर : पथराव के बाद इन इलाकों में धारा 144, पांच से अधिक लोगों के इकट्ठे होने पर रोक

इंदौर : पथराव के बाद इन इलाकों में धारा 144, पांच से अधिक लोगों के इकट्ठे होने पर रोक

इंदौर, आकाश धोलपुरे| उज्जैन के बाद अब इंदौर (Indore) के चांदनखेड़ी में हिंदू संगठन की रैली पर पत्थरबाजी का मामला सामने आया है| पथराव में कई लोगों घायल हुए हैं| यहां एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल (Police Force) तैनात किया गया है। वहीं, कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। कलेक्टर मनीष सिंह (Collector Manish Singh) ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि ज़िले में कहीं पर भी क़ानून व्यवस्था का उल्लंघन करने पर प्रशासन द्वारा कठोरतम कार्यवाही की जाएगी। चांदनखेडी, धर्माट, रुद्राख्या, सुनाला, देवराखेडी एवं नगर परिषद गौतमपुरा तथा नगर परिषद सांवेर क्षेत्र में दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया है। यहाँ पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों का समूह बिना सक्षम दण्डाधिकारी की अनुमति के एकत्रित नहीं हो सकेंगे।

आदेश के अनुसार इस क्षेत्र में ड्युटी पर उपस्थित पुलिस सशक्त सेनाएं/अधिकारी के अतिरिक्त किसी अन्य के द्वारा संघात्मक, धारदार हथियार, आग्नेय शस्त्र न तो धारण किये जायेंगे और न ही उनका परिवहन किया जायेगा। इस प्रतिबन्धित क्षेत्र में कोई भी जूलूस/आमसभा/रैली/ धरना प्रदर्शन/ अन्य गतिविधियां बिना पूर्व एवं सक्षम अनुमति के नहीं की जा सकेगी। किसी भी व्यक्ति, समूह के द्वारा किसी वर्ग, धर्म व्यक्ति विशेष या दल विशेष के विरूद्ध कोई भी क्षुब्धता पूर्ण नारेबाजी या आपसी आक्रोश को बढ़ावा देने वाली कोई कार्यवाही नहीं की जायेगी। कोई भी ऐसा कार्य जिससे जन आक्रोश तथा लोकशांति को प्रभाव पड़ता हो, नहीं किया जायेगा ।

उल्लेखनीय है कि गौतमपुरा थाना क्षेत्र में धर्माट से चांदनखेडी, कनवासा, सुनाला से वापस रुद्राख्या होकर खडोत्या तक हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह के उद्देश्य से बाइक रैली निकाली थी। जिसमें ग्राम चांदनखेडी में पथराव हो जाने से एवं रैली का विरोध करने से उक्त रैली में शामिल लोगों पर कुछ लोगों द्वारा पथराव किये जाने के बाद ग्राम चांदनखेडी सहित आस-पास के ग्रामों में सांप्रदायिक तनाव एवं कानून व्यवस्था बिगडने की स्थिति निर्मित हुई थी। जिसके कारण जिला एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर उपस्थित होकर कानून व्यवस्था की स्थिति संभालनी पडी।

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