कैदियों ने विवाद के बाद एक कैदी को किया गंजा, जेल प्रशासन जांच में जुटा

कैदियों ने विवाद के बाद एक कैदी को किया गंजा, जेल प्रशासन जांच में जुटा

इंदौर।आकाश धोलपुरे।

इंदौर की जिला में कैदियों के विवाद की बात सामने आई है। जानकारी के मुताबिक धोखाधड़ी मामले में जेल में बंद पिता और बेटे के साथ मियादी कैदी अर्जुन त्यागी और उसके साथियों ने जमकर विवाद किया और बेटे को गंजा भी कर दिया है। वही सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक धोखाधड़ी के मामले में बंद बाप और बेटे के साथ कैदियो ने जमकर मारपीट भी की है।

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित बाप और बेटे के परिजनों ने जेल प्रशासन से मुलाकात की है। जेल प्रशासन की ओर से जेल अधीक्षक अदिति चतुर्वेदी ने बताया की कोरोना के दौर में एतियाहत के तौर पर कैदियो की कटिंग बनावाने के लिए 10 – 10 की संख्या में व्यवस्था की गई है। कल किसी बात पर विवाद की जानकारी सामने आई थी जेल अधीक्षक के मुताबिक 10 वर्ष की सजा काट रहे मियादी बन्दी अर्जुन पिता राधेश्याम त्यागी और सुरेश पिता गोविंद कुकरेजा बेटे जयेश पिता सुरेश कुकरेजा के बीच विवाद की बात सामने आई है और घटना के बाद जांच की जा रही है। यदि जांच में मियादी बन्दी सुरेश दोषी पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाने की बात भी जेल प्रशासन ने की है। फिलहाल, बाप और बेटे की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने अलग इंतजाम किए है।

बेटे के गंजा किये जाने से खफा लवीना कुकरेजा ने बताया कि उसके बेटे जयेश को अपने बाल बहुत प्यारे है और उसके दादाजी के निधन के बाद भी उसने मुंडन नही कराया था। अपने पति और बेटे के साथ विवाद की जानकारी मिलने के बाद लवीना कुकरेजा आज जिला जेल में अधिकारियों से भी मिली है। बता दे कि सुरेश कुकरेजा एक नामी बिल्डर है और रुपयों के लेन देन को लेकर उन पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था जिसके बाद जनवरी माह से दोनों जेल में बंद है। फिलहाल, जेल में विवाद की अन्य वजहें भी सामने आ रही है जिसकी जांच जारी है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews