आस्ट्रेलियन बेटी ने मदर्स डे पर किया कुछ ऐसा, छलक पड़े इंदौर TI के भी आंसू

आस्ट्रेलियन बेटी ने मदर्स डे पर किया कुछ ऐसा, छलक पड़े इंदौर TI के भी आंसू

इंदौर।आकाश धोलपुरे।

माँ एक वो शब्द है जिसमे पूरी दुनिया समाहित है और दुनिया की हर माँ इस बार मदर्स डे पर हमेशा की तरह ये ही दुआ कर रही है कि उनके बच्चे हर हाल स्वस्थ रहे और खुश रहे। हालांकि इस बार मदर्स डे पर कोरोना संकट का छाया हुआ है बावजूद इसके मदर्स डे पर इंदौर से जो तस्वीरे सामने आई रही है वो हर एक के मन में ना सिर्फ माँ के सम्मान को दुगुना कर देगी बल्कि खाकी के इमोशन को भी सामने ला रही है।

दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रहने वाली एक बेटी ने कोरोना संकट के दौरान अपनी माँ को इतना मिस किया कि उससे रहा नही गया और आखिर में गूगल देवता के जरिये बेटी ने माँ को सरप्राइज देने का मन बनाया। बेटी ने ऑस्ट्रेलिया से गूगल के जरिये पहले तो इंदौर स्थित घर के नजदीकी पुलिस स्टेशन के नम्बर का पता लगाया और फिर थाना प्रभारी से गुहार लगाई की उनकी माँ से वो मिलकर आये और उन्हें विश कर सरप्राइज करे।

सिडनी से बेटी श्वेता चौहान ने सबसे पहले पलासिया टीआई विनोद दीक्षित से फोन पर बात की और माँ के घर का पता दिया। इसके बाद पलासिया थाना प्रभारी विनोद दीक्षित ने फूलों के गुलदस्ते और गिफ्ट की व्यवस्था की और फिर मदर्स डे पर दोपहर 1 बजे न्यू पलासिया स्थित अरिथ एवेन्यू पहुंच गए। जहाँ सबसे पहले पुलिस अधिकारी ने माँ अनुराधा सिंह चौहान को घर से बाहर बुलाया और अचानक से सरप्राइज देकर उनकी खुशियां दोगुनी कर दी। इसके बाद माँ अनुराधा सिंह चौहान ने बताया कि वो इस सरप्राइज से बेहद खुश है उनके लिए मदर्स डे पर बेटी द्वारा भेजे गए तोहफे और प्यार को वो जीवन भर नही भूल पाएगी। बता दे कि न्यू पलासिया में रहने वाली अनुराधा सिंह चौहान एक हाउस वाइफ है और उनके बेटे डॉ. विवेक सिंह इन दिनों MTH हॉस्पिटल में कोरोना पीड़ितों का ईलाज कर रहे है जिसके चलते बीते 40 दिनों से वो भी अपनी माँ से नही मिल पाए है वही ऑस्ट्रेलिया में रह रही बेटी कंप्लीट लॉक डाउन और कोरोना संकट के कारण इंदौर नही पहुंच पाई।

इधर, इंदौर की पलासिया पुलिस के थाना प्रभारी विनोद दीक्षित ने बताया कि 40 दिन से बेटी श्वेता और डॉ. बेटे विवेक, अपनी माँ से नही मिल पाए है और इसलिये उनके फोन पर पुलिस ने उनकी माँ को सरप्राइज दिया है। जहां सरप्राइज पाकर माँ अनुराधा तो इंदौर पुलिस की तारीफ करते नही थक रही है। बता दे कि पुलिस के लिए भी व्यक्तिगत जीवन मे रिश्तों की उतनी ही महत्ता होती है जितनी कि एक आदमी के लिए होती है इस बात का ताजा उदाहरण उस वक्त देखने को मिला जब एम.पी. ब्रेकिंग न्यूज़ ने पलासिया टीआई विनोद दीक्षित से उनकी माँ के संबंध में सवाल पूछ लिया, फिर क्या था सवाल सुनकर टीआई माँ को याद करने लगे और चश्मे के पीछे छिपी उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। एक तरफ जहां एक माँ सरप्राइज पाकर खुश थी तो दूसरी तरफ लॉक डाउन में लंबे वक्त से ड्यूटी पर तैनात टीआई भी अपनी माँ को याद कर बेहद संजीदा हो गए और उनके इमोशन भी बाहर निकल आए। क्योंकि टीआई आंखों से निकली हर आंसू की बूंद उन्हें अहसास करा रही थी कि उनकी माँ भले ही उनसे दूर हो लेकिन मातृभूमि के फर्ज को निभाकर वो हर रोज अपनी माँ को तोहफा दे रहे है। इंदौर की इन तस्वीरों से साफ हो गया है कि खुशियां बांटने से बढ़ती है और इंदौर पुलिस इन दिनों कोरोना संकट के बीच खुशियां बांटती नजर आ रही है ।

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