By-election: रोड नहीं तो वोट नहीं के साथ ग्रामवासियों ने किया मतदान का बहिष्कार

By-election: रोड नहीं तो वोट नहीं के साथ ग्रामवासियों ने किया मतदान का बहिष्कार

मुंगावली।अलीम डायर

मुंगावली उपचुनाव से पहले राजनीति में काफी उठापटक देखने को मिल रही है तो वही मतदाताओं की प्रतिक्रियाएं भी आना शुरू हो गई है मुंगावली तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम अचलगढ़ चक्क के देवपुर में सड़क और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण वहां के ग्रामीण वासियों मैं काफी रोष देखा जा रहा है जिसके चलते समस्त ग्रामीण वासियों ने उपचुनाव में होने वाले मतदान का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी है।

ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से ही इस गांव में ग्रामीणवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं रोड ना होने के कारण बारिश के दिनों में गांव में आने जाने में ग्रामीण वासियों को काफी दिक्कतों परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणवासी गांव में रोड बनवाने के लिए संबंधित सभी अधिकारियों कर्मचारियों को ज्ञापन दे चुके हैं और तहसील ऑफिसो के कई चक्कर भी लगा चुके हैं उसके बाद भी गांव में रोड नहीं बन रही है इतना ही नहीं चुनाव से पहले नेता हमारे पास आकर वोट लेने के लिए आते हैं और रोड बनवाने का आश्वासन देकर हमारा वोट ले जाते हैं तो वही जीतने के बाद हमें भूल जाते हैं इसलिए सभी ग्रामीण वासियों ने इस बार फैसला किया है की रोड नहीं तो वोट नहीं जब तक हमारे गांव में रोड नहीं डलेगी हम किसी भी पार्टी को वोट नहीं डालेंगे और चुनाव का बहिष्कार करते हैं।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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