सियासी ड्रामे के बीच कैबिनेट मंत्री का ट्वीट, पार्टी में खलबली

सियासी ड्रामे के बीच कैबिनेट मंत्री का ट्वीट, पार्टी में खलबली

भोपाल।
एक तरफ विधायकों को लेकर महासंग्राम मचा हुआ है, बीजेपी पर हॉर्स ट्रेडिंग के आऱोप लग रहे है, वही दूसरी तरफ कांग्रेस में फूट खुलकर सामने आ रही है। कैबिनेट मंत्री प्रदीप जायसवाल ने जहां बीजेपी में समर्थन के संकेत दिए है वही दूसरी तरफ वन मंत्री उमंग सिंघार ने ट्वीट कर अपनी ही पार्टी के नेताओं पर तंज कसा।उन्होंने ट्वीट कर बताया है कि ये पूरा सियासी ड्राम राज्यसभा जाने के लिए खेला गया है।हैरानी की बात ये है कि ये वही उमंग सिंघार है जिन्होंने बीते महिनों पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसको लेकर खूब बवाल भी मचा था, जिसके बाद दोनों नेताओं को दिल्ली तलब किया गया था।

दरअसल, उमंग ने ट्वीट कर अपनी ही पार्टी पर चुटकी ली है। सिंघार ने ट्वीट कर लिखा है कि ‘माननीय कमलनाथ जी की सरकार पूर्ण रूप से सुरक्षित है। यह राज्यसभा में जाने की लड़ाई है, बाकी आप सब समझदार हैं।’ इस ट्वीट के साथ उन्होंने मजाक करने वाली तीन स्माइली बनाई हैं। सिंघार के ट्वीट पर प्रदेश भाजपा प्रवक्ता लोकेंद्र पाराशर ने रिट्वीट किया। कहा- “तमाचा है उन लोगों पर जो आरोप हमारे ऊपर लगा रहे थे…अब कांग्रेसी बताएं कि कमलनाथजी की सरकार को “राजा” गिराना चाहता है या “महाराजा”।” उनका सीधा इशारा दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर है।

सियासी ड्रामे के बीच सिंघार जो ट्वीट किया है, उससे प्रदेश की सियासत में फिर खलबली मच गई है। सिंघार ने अपने ट्वीट में किसी भी नेता का नाम नहीं लिखा है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने इशारों-इशारों में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर हमला किया है। क्योंकि कांग्रेस में अभी राज्यसभा जाने के लिए दो ही लोग प्रबल दावेदार हैं। एक दिग्विजय सिंह और दूसरे ज्योतिरादित्य सिंधिया। झारखंड चुनाव से पहले सिंघार ने दिग्विजय पर सार्वजनिक आरोप लगाए थे। वे कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक माने जाते हैं।

गौरतलब है कि आदिवासी नेता और मंत्री सिंघार सितंबर 2019 में उस समय चर्चाओं में आए थे, जब उन्होंने दिग्विजय सिंह के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था। सिंघार ने कहा था कि दिग्विजय पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं। वे सीएम के काम में भी दखल देते हैं। यह मामला काफी तूल पकड़ा था और फिर पार्टी की अनुशासन समिति भेजा गया था। अभी ये मामला ठंड़ा ही हुआ था कि उमंग ने हाईवोल्टेज ड्रामे के बीच ट्वीट कर आग में घी डाल दिया है। इस पूरे घटनाक्रम से कांग्रेस और सरकार में जमकर हड़कंप मचा हुआ है।कांग्रेस लगातार डैमेज कंट्रोल में जुटी हुई है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews