15 अगस्त को मुख्यमंत्री कमलनाथ करेंगे ध्वजारोहण, कौन कर रहा ये दावा!

15 अगस्त को मुख्यमंत्री कमलनाथ करेंगे ध्वजारोहण, कौन कर रहा ये दावा!

भोपाल। 20 मार्च का दिन कांग्रेस के लिये प्रदेश में ब्लैक फ्राइडे साबित हुआ। पिछले कई दिनों से चल रहे सियासी संग्राम का पटाक्षेप कमलनाथ के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के रूप में हुआ। इसी के साथ बीजेपी में जश्न का माहौल शुरू हो गया और आगामी मुख्यमंत्री कौन होगा इसे लेकर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

लेकिन इसी बीच एमपी कांग्रेस के एक ट्वीट ने सियासी गलियारों में फिर हलचल पैदा कर दी है। इस ट्वीट में एमपी कांग्रेस ने दावा किया है कि 15 अगस्त 2020 को कमलनाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर ध्वजारोहण करेंगे और परेड की सलामी लेंगे।

बता दें कि शुक्रवार को कमलनाथ ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी एक जुमला कहा था कि आज के बाद कल आता है और कल के बाद परसो, और परसो आएगा। इस बात पर वहां मौजूद कांग्रेस विधायकों और नेताओं ने खूब तालियां भी बजाई थी लेकिन इसका अर्थ किसी की समझ में नहीं आया। अब एमपी कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से इस ट्वीट के बाद ये कयास लगने शुरू हो गए हैं कि क्या कमलनाथ की उस बात और इस ट्वीट में कोई संबंध है। क्या कांग्रेस अब भी दौड़ में है और उसके पास कोई प्लान-बी है और क्या आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में कुछ और अप्रत्याशित परिवर्तन होने की संभावना है।

15 साल बाद महज़ 15 महीनों मे सत्ता खो देना कांग्रेस के लिये बड़ा झटका है। कमलनाथ के इस्तीफे के बाद ही राजनीतिक पंडित कह रहे हैं कि अब उसकी प्रदेश की सत्ता में जल्द वापसी के फिलहाल कोई आसार नहीं दिख रहे हैं, लेकिन इसी बीच एमपी कांग्रेस के इस ट्वीट ने सियासी गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज़ कर दी है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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