लॉक डाउन के बीच कांग्रेस के इस विधायक ने जनता के लिए खोले अपने द्वार

लॉक डाउन के बीच कांग्रेस के इस विधायक ने जनता के लिए खोले अपने द्वार

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

कोरोना महामारी के चलते जारी 21 दिन के लॉक डाउन में जिलों की सीमाएं सील किये जाने से बहुत से लोग जहाँ हैं वहीं फंस कर इसे गए है और अपने शहर में नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में बहुत से लोग मदद के लिए अपने हाथ बढ़ रहे हैं। इसी कड़ी में ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने एक अलग तरह की मदद का एलान किया है।

खास बात ये है कि दो दिन पहले अपनी विधानसभा के लोगों की मदद के लिए 15 लाख रुपये की विधायक निधि देने वाले कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने अब पूरे शहर की जनता के लिए अलग तरह की मदद की घोषणा की है । उन्होंने संजीदगी दिखाते हुए सोशल मीडिया पर मैसेज जारी कर लिखा है कि ग्वालियर के जो लोग किन्हीं कारणों से भोपाल में लॉक डाउन की वजह से फंसे हैं, वे स्थिति सामान्य होने तक भोपाल स्थित मेरे विधायक निवास E-2 45 बंगले पर रह सकते हैं। हमे उनके लिए भोजन और ठहरने की समुचित व्यवस्था करवा रखी है।

वे पुकीस और प्रशासन की अनुमति लेकर उपरोक्त पते पर पहुँचने का प्रयत्न करें। किसी भी असुविधा के लिए मुझे सीधे संपर्क कर सकते हैं। ये निवासनही आपका दिलवाया हुआ है और इसपर आपका पूरा अधिकार है। विधायक की इस अनूठी पहल की शहर में तारीफ हो रही है। बहरहाल यदि विधायक प्रवीण पाठक की तरह ही संजीदगी दिखाते हुए अन्य विधायक भी भोपाल में फंसे अपने शहर के लोगों के लिए सरकारी आवास के दरवाजे खोल दें तो भोपाल जिला प्रशासन को बहुत मदद मिलेगी और वे खुद सही मायने में जन प्रतिनिधि होने का हक भी अदा कर पाएंगे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews