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कोरोना ने बढ़ाई टेंशन, रतलाम में 9 से 19 अप्रैल तक टोटल लॉकडाउन की घोषणा

Written by:Atul Saxena
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रतलाम, सुशील खरे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने पूरे प्रदेश में शुक्रवार से 60 घण्टे के लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा की है इसी बीच रतलाम कलेक्टर ने उनके जिले में 9 अप्रैल शाम 6 बजे से 19 अप्रैल सुबह 6 बजे तक टोटल लॉकडाउन (Total Lockdown) घोषित कर दिया। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि लॉकडाउन (Lockdown) की सपूर्ण अवधि में केवल मेडिकल, दूध, सब्जी, गैस सिलेंडर आदि के वितरण की ही व्यवस्था रहेगी।  उन्होंने अपील की है कि शुक्रवार शाम तक बिना पैनिक हुए लोग अपने लिए जरुरी वस्तुएं बाजार से खरीद लें।

मध्यप्रदेश में बढ़ती कोरोना संक्रमितों की संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार एक्शन मोड में है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने आज गुरुवार को पूरे प्रदेश में शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा की और जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे अपने यहाँ की स्थिति को देखते हुए जिला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक के हिसाब से फैसला लें।

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मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद रतलाम कलेक्टर गोपाल चंद्र डाड ने प्रेस वार्ता बुलाकर पूरे जिले में 9 अप्रैल से शाम 6 बजे से 19 अप्रैल सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा कर दी। कलेक्टर ने कहा कि रतलाम में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ता रहा है। प्रशासन द्वारा लगातार समझाइश के बावजूद अधिकांश लोग मास्क नहीं पहन रहे और सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी कर रहे हैं।

कलेक्टर गोपाल चंद्र डाड ने बताया की 9 अप्रैल से 19 अप्रैल तक के टोटल लॉकडाउन (Total Lockdown) की अवधि में केवल मेडिकल की दुकाने, दूध वितरण सुबह 6 बजे से 10 बजे तक और शाम 5 बजे से 8 बजे तक, गैस सिलेंडर वितरण, होम डिलेवरी राशन की व्यवस्था, होम डिलेवरी सब्जी की व्यवस्था रहेगी। कलेक्टर ने आदेश दिए  में सरकारी कार्यालय खुले रहेंगे। अतिआवश्यक कोई भी कार्य प्रभावित नहीं होगा, बैंक खुले रहेंगे, कर्मचारियों को पहचान पत्र के साथ आने जाने की अनुमति रहेगी।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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