Corona Effect: पीपीई किट से जूझ रहे प्रदेश को मिली नई राह

Corona Effect: पीपीई किट से जूझ रहे प्रदेश को मिली नई राह

बैतूल।वाजिद खान।

कोरोना को लेकर संसाधनों की कमी आड़े ना आये इसको लेकर मध्य प्रदेश के बैतूल में स्वास्थ्य विभाग ने नवाचार किया है और पीपीई किट मात्र 150 रुपये में बना दी। दरअसल कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए सबसे जरूरी पीपीई किट की देश में भारी मांग है और इसकी कमी भी बताई जा रही है। इस कमी को बैतूल के स्वस्थ्य विभाग ने प्रदेश ही नही पूरे देश के लिए मिसाल पेश की है और महंगी किट की कीमत बारह सौ पचास रुपये आंकी गयी है। वही इस कीट को मात्र को डेढ़ सौ रुपये में तैयार करवा लिया है। जिला अस्पताल की डॉक्टर डॉ अंकिता सीते ने ये आईडिया अपने वरिष्ठ चिकित्सको को बताया था उसके बाद उन्हें सामग्री उपलब्ध कराई गई जिसे जेल के कैदियों के माध्यम से ये किट तैयार कराई गई। एक दिन में 35 किट बनाई जा रही है और बनाने का कार्य जारी है। इस किट का जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति डेमो पेश किया गया गया।

विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे का कहना है कि पूरा विश्व कोरोना से जूझ रहा है और संसाधनों की कमी पूरे विश्व में बनी हुई है डॉक्टरों के पर्सनल प्रोटक्शन इक्विप्मेंट की कमी हो रही है जिसे हम पीपीई किट बोलते है मरीजो की संख्या इतनी ज्यादा हो चुकी है उतनी तेजी से चीजो का निर्माण नही कर पा रहे है । किट तैयार करने हमने कुछ वीडियो की मदद ली और इसे बनाने में डॉ अंकिता सीते का महत्वपूर्ण योगदान है उन्होंने रा मटेरियल उपलब्ध करा कर जेल के कैदियों की मदद से किट तैयार करवाई है इसका सिलाई खर्च मात्र 30 रुपये आ रहा कुल खर्च एक किट में डेढ़ सौ रुपये आ रहा है ये बड़ी उपलब्धता है इसे पूरे देश को अनुकरण करना चाहिए। प्रदेश स्तर पर बताएंगे कि कितने दामो पीपीई किट तैयार हो सकती है।

सांसद दुर्गादास उइके ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग बैतूल के द्वारा यह किट बनाने का सराहनीय कार्य किया गया है। कोरोना को लेकर अस्पतालों में संसाधनों की कमी ना हो इसको लेकर मेरे द्वारा संसदीय क्षेत्र में सांसद निधि से तीस लाख रुपये की राशि दी गई है। किट तैयार करवाने वाली डॉ अंकिता सीते का कहना है कि कोविड19 के चलते स्टाफ को बहुत ज्यादा पीपीई किट की जरूरत थी इसको लेकर मैंने सीएमएचओ डॉ जीसी चौरसिया को प्लास्टिक का बनवा कर दिखाया तो उन्हें ये आईडिया उन्हें पसंद आया। जिसके बाद उन्होंने रा मटेरियल उपलब्ध कराया। इसके बाद जिला जेल बैतूल के कैदियों से किट तैयार जिन्होंने एक दिन 35 किट तैयार की और अभी किट बनाने का काम जारी है। इसमें शाहपुर बीएमओ उन्होंने फेस शील्ड बनाने की तरकीब बताई। पीपीई किट कैसे पहनना इसका डेमो कोरोना रिकेयर यूनिट की स्टाफ नर्स अभिषिकता ने किया। पीपीई किट तैयार से डॉक्टरों ने राहत की सांस ली अब उन्हें कोरोना संदिग्ध या पॉजिटिव का इलाज करने में संक्रमण का खतरा नही रहेगा।

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