DRDE ने तैयार किया N-99 मास्क, इसकी एडवांस तकनीक करेगी संक्रमण से बचाव

DRDE ने तैयार किया N-99 मास्क, इसकी एडवांस तकनीक करेगी संक्रमण से बचाव

ग्वालियर।अतुल सक्सेना

देश की चुनिंदा बायोसेफ्टी(biosafety) लैब(lab) में से एक ग्वालियर(gwalior) की DRDE ने अपनी तकनीक(technology) से एडवांस टेक्नोलॉजी(advance technology) वाला N -99 मास्क(mask) तैयार किया है। इसका निर्माण मुंबई(mumbai) और कोलकाता(kolkata) की दो कंपनिया(companies) कर रहीं है और इसके निर्माण में लगने वाला विशेष कपड़ा गुजरात(gujrat) की एक कंपनी तैयार कर रही है।

रक्षा मंत्रालय के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान (DRDO) की ग्वालियर स्थित लैब रक्षा अनुसंधान एवं विकास स्थापना(DRDE) ने एक बार देश के हित में योगदान दिया है। कैमिकल(chemical) और बायोलॉजिकल(biological) हथियारों के खिलाफ लड़ने के लिए तकनीक विकसित करती है। जिसका उपयोग देश की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां करती हैं। देश में हुए कोरोना अटैक(corona attack) के बाद N-95 मास्क की आवश्यकता बढ़ गई। जिसके बाद भारत ने इसका निर्यात रोक दिया बावजूद इसके बढ़ते कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ सहित देश के नागरिकों के लिए मास्क की आवश्यकता पड़ रही थी। विशेषज्ञों ने सलाह दी कि केवल संक्रमित व्यक्ति और उसके संपर्क वाला व्यक्ति के लिए N-95 मास्क आवश्यक है शेष व्यक्ति कोई भी अन्य मास्क या कपड़ा लगा सकता है।

इस बीच रक्षा मंत्रालय का DRDO मास्क पर लगातार रिसर्च कर रहा था । DRDO की ग्वालियर स्थित लैब DRDE ने अलग अलग राज्यों से आये विभिन्न कंपनियों के 73 मास्क की रिपोर्ट बनाकर मंत्रालय भेज दी लेकिन किसी की फिल्ट्रेशन क्षमता 50प्रतिशत थी तो किसी की 80 प्रतिशत। ये क्षमता मास्क में प्रयोग किये गए फेब्रिक और मटेरियल के आधार पर जांची गई। इस बीच DRDE के वैज्ञानिकों ने अपनी तकनीक विकसित की और लगातार मेहनत के बाद एडवांस तकनीक वाला N-99 मास्क तैयार कर लिया। मास्क का परीक्षण कर लेने के बाद इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया। जानकारी के अनुसार रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के बाद कपड़ा मंत्रालय मुंबई की वीनस और कोलकाता की इंटेक सेफ्टी कंपनी में इनका बल्क में निर्माण करा रहा है। खास बात ये है कि इस मास्क के लिए प्रयोग होने वाला विशेष कपड़ा गुजरात की अटीरा कंपनी में तैयार किया जा आ रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं N-99 मास्क 99 प्रतिशत तक सुरक्षित है। इसको लगाने से डॉक्टर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ और कोरोना संकृमित मरीज के सीधे संपर्क वाले लोग सुरक्षित रह सकेंगे। माना जा रहा है कि जल्दी ही ये मास्क राज्य सरकारों को उपलब्ध होगा और कोरोना वारियर्स इसका उपयोग कर सकेंगे।

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