कलेक्टेट परिसर में बेहोशी की हालत में मिला बाज, बर्ड फ्लू की दहशत बरक़रार 

कलेक्टेट परिसर में बेहोशी की हालत में मिला बाज, बर्ड फ्लू की दहशत बरक़रार 

जबलपुर, संदीप कुमार। प्रदेश के कई जिलों में बर्ड फ्लू (Bird flu) की पुष्टि के बाद सभी जिले अलर्ट पर हैं। जबलपुर प्रशासन भी पक्षियों (Birds)की मौत पर नजर बनाये हुए है। हालाँकि अभी तक जिले में बर्ड फ्लू (Bird Flu)का एक भी केस सामने नहीं आया है इसी बीच कलेक्ट्रेट परिसर में एक बाज (Falcon) के बेहोश हालात में मिलने स हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही तत्काल वेटनरी अस्पताल की टीम मौके पर पहुंची और बाज (Falcon)को अपने साथ ले गई।

कलेक्ट्रेट में आज एक बाज (Falcon) बेहोशी हालत में मिला है, जैसे ही यह खबर प्रशासन को लगी, फौरान बाज (Falcon)को वेटनरी कॉलेज ले जाया गया है। बाज (Falcon) के बेहोश मिलने के बाद जिले में बर्ड फ्लू (Bird Flu) की आशंका से अभी पूरी तरह इंकार नहीं किया जा सकता। इस खबर के बाद दशहत का माहौल है। लेकिन अच्छी बात ये है कि अभी तक जबलपुर में बर्ड फ्लू (Bird Flu) का एक भी केस रजिस्टर्ड नहीं हुआ है। लिहाजा पशु चिकित्सा विभाग मामले की गंभीरता को देखते हुए सतत नजर रखे हुए है।

ज्वाइंट डायरेक्टरडॉ. सुनील कांत वाजपेयी ने कहा कि बाज (Falcon) के बेहोश मिलने की जानकारी उनके पास है लेकिन बिना परीक्षण के फिलहाल कुछ भी कहना मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा कि जबलपुर में बर्ड फ्लू (Bird Flu) को लेकर सतत निगरानी रखी जा रही है।

बता दें कि जिले में लगभग एक दर्जन कबूतर एवं अन्य पक्षियों की मृत्यु  की सूचना प्राप्त होने पर पशु पालन विभाग जबलपुर जिलास्तरीय रेपिड रिस्पॉन्स दलों द्वारा मृत पक्षियों के सैंपल लिए जा रहे है। जिला प्रशासन के निर्देश पर वन विभाग, पुलिस विभाग एवं नगरीय निकाय आदि संयुक्त रुप से इस कार्य में लगे हुए हैं ।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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