किसानों की ट्रैक्टर परेड – केंद्रीय कृषि मंत्री के बंगले के बाहर आंदोलनकारियों का प्रदर्शन

किसानों की ट्रैक्टर परेड – केंद्रीय कृषि मंत्री के बंगले के बाहर आंदोलनकारियों का प्रदर्शन

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। दिल्ली में जारी किसान आंदोलन (Farmers Protest)के समर्थन में ग्वालियर में जारी आंदोलन में शामिल लोगों ने यहाँ भी ट्रैक्टर परेड (Tractor Parade) निकाली। जब ये रैली केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendr Singh Tomar) के सरकारी बंगले के बाहर पहुंची। माकपा (CPIM) के कार्यकर्ता और अन्य आंदोलनकारी उग्र हो गए और उन्होंने बंगले के बाहर जमकर हंगामा किया।

दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों (Agricultural laws)को वापस लेने की मांग को लेकर पिछले दो महीने से जारी किसान आंदोलन के दौरान आज ट्रैक्टर परेड (Tractor Parade) का आयोजन है। किसान आंदोलन के समर्थन में ग्वालियर में माकपा (CPIM)के नेतृत्व में धरना आंदोलन पिछले एक महीने से जारी है। दिल्ली में ट्रैक्टर परेड (Tractor Parade) की घोषणा की तर्ज पर ग्वालियर में भी ट्रैक्टर परेड (Tractor Parade) की घोषणा की गई थी। आंदोलनकारियों ने गोले का मंदिर मेला ग्राउंड से ट्रैक्टर परेड (Tractor Parade) निकाली। रैली में करीब 500 ट्रैक्टर सहित कुल एक हजार वाहन शामिल हुए। ये रैली पूरे शहर में प्रदर्शन करती हुई फूलबाग पर गांधी उद्यान के बाहर समाप्त हुई जहाँ झंडा वंदन किया गया।

रैली की खास बात ये रही कि जब ये रेसकोर्स रोड (मेला रोड) से निकल रही थी तभी माकपा के वरिष्ठ नेता राम विलास गोस्वामी की नजर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) के बंगले पर पड़ी और उन्होंने मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिये। उन्हें देखते हुए रैली में शामिल किसान और अन्य आंदोलनकारी भी केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बंगले के बाहर हंगामा करते रहे।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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