कुवैत में फंसे भारतीयों को लेकर इंदौर आई पहली फ्लाइट, ट्रैन से 1500 मजदूर रीवा रवाना

कुवैत में फंसे भारतीयों को लेकर इंदौर आई पहली फ्लाइट, ट्रैन से 1500 मजदूर रीवा रवाना

इंदौर| आकाश धोलपुरे| कोरोना (Corona) से प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रभावित इंदौर (Indore) में आज की रात का आगाज सबसे महत्त्वपूर्ण रहा। जहां इंदौर के अंतराष्ट्रीय देवी अहिल्याबाई एयरपोर्ट (International Devi Ahilyabai Airport) पर कुवैत (Kuwait) से आई पहली फ्लाइट में 120 यात्री इंदौर पहुंचे। अब इन सभी यात्रियों को चार्टेड बसो द्वारा भोपाल भेजा जाएगा जिसके चलते बसे पुराने एयरपोर्ट के गेट से अंदर भेजी गई है। कुवैत से आये भारतीयों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया भी इंदौर में जारी है। बता दे कि फ्लाइट के पहुंचने के पहले सांसद शंकर लालवानी ने व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों के साथ निरीक्षण भी किया। वही प्रशासन और स्वास्थ विभाग की टीम द्वारा प्रत्येक यात्री की स्क्रीनिंग की व्यवस्था संभाली जा रही है।

इधर, इंदौर एयरपोर्ट पर जहां कुवैत से 120 भारतीय उतरे तो दूसरी और इंदौर से 1500 यात्री प्रदेश के ही रीवा के लिए रवाना हुए। कड़ी व्यवस्था के बीच सभी लोगो को प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कोरोना से संबंधित हिदायतें देकर उनकी यात्रा की मंगल कामना की। फिलहाल, आज इंदौर एयरपोर्ट पर 120 लोग अंतराष्ट्रीय फ्लाइट के जरिये इंदौर पहुंचे तो करीब 1500 लोग रीवा जाने के लिए ट्रेन में सफर कर सरकार का शुक्रिया करते नजर आए।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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