गोकुलदास अस्पताल – लायसेंस निरस्त, मंदसौर कलेक्टर ने भी भेजा था पत्र, होगी जांच

गोकुलदास अस्पताल – लायसेंस निरस्त, मंदसौर कलेक्टर ने भी भेजा था पत्र, होगी जांच

इंदौर।आकाश धोलपुरे

प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के गोकुलदास अस्पताल के मामले में हरकत में आये प्रशासन ने गुरुवार रात को ही मरीजों की मौत के मामले में जांच टीम भेज दी थी। जिसके बाद अस्पताल के दस्तावेजो को प्रशासन ने जब्त कर लिया था। इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया की अभी अस्पताल को सील नही किया गया है। कलेक्टर इंदौर ने कहा कि डेथ ऑडिट से ही पूरी जांच सामने आएगी जिस पर आज कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल, अस्पताल में 17 मरीज है और मेडिकल कालेज को निर्देश दिए गए है कि मरीजो को सुरक्षित रूप से अन्य अस्पताल मे शिफ्ट कराया जाए। वही रिपोर्ट के इंतजार में यलो जोन के निजी अस्पतालों द्वारा बिल बढ़ाने के मामले में कलेक्टर ने साफ किया कि ये शिकायत 1 मई के पहले की हो सकती है फिलहाल, यलो कैटेगरी के अस्पतालों में 10 से 20 प्रतिशत मरीज ही ईलाज के लिए बचे है और अभी डिस्चार्ज रेट में इंदौर की पोजिशन नम्बर 2 पर है हालांकि उन्होंने ये भी माना कि कुछ चुनिंदा केस हो सकते है जिनमें ऐसी शिकायत हो सकती है।

गुरुवार को एक अंतराल के बीच हुई मौतो की जांच को कड़ाई से करने के निर्देश इंदौर कलेक्टर ने CMHO इंदौर को दिए है। इधर, सम्भागायुक्त ने गोकुलदास मामले में जांच समिति गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए है। वही इंदौर CMHO डॉ. प्रवीण जाड़िया ने बताया कि वर्तमान में गोकुलदास अस्पताल का लायसेंस अस्थायी रूप से निरस्त किया जा चुका है और गुरुवार को हुई मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई कर अस्पताल के दस्तावेजो को भी जब्त किया है। अस्थायी रूप से लायसेंस निरस्त किये जाने के बाद अब अस्पताल नये मरीजो को भर्ती नही कर सकेगा।

CMHO ने बताया कि अस्पताल में 13 मरीज है जिनमे से 1 आईसीयू और 12 सामान्य वार्ड में इलाजरत है। इन सभी के शिफ्ट होने के बाद ही अस्पताल पर कार्रवाई की जा सकेगी और अस्पताल की लापरवाही की जांच भी पूरी हो सकेगी। CMHO ने एक बड़ा खुलासा करते हुए ये भी बताया कि कुछ दिन पहले मंदसौर कलेक्टर मनोज पुष्प ने एक पत्र के माध्यम से गोकुलदास अस्पताल की शिकायत की थी जिसमे अस्पताल द्वारा एक महिला को बेड की कमी बताकर भर्ती करने से मना कर दिया था जिसके बाद ईलाज के अभाव में महिला की मौत हो गई थी । इस मामले को भी जांच में शामिल किया जाने की बात CMHO ने की।

आंकड़ो में उलझा स्वास्थ्य विभाग

बता दे कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन गोकुलदास अस्पताल के मरीजो के आंकड़े संबंध में उलझते हुए नजर आ रहा है। जहां कलेक्टर ने मौजूदा स्थिति में 17 मरीजों के गोकुलदास अस्पताल में इलाजरत रहने की पुष्टि की है वही CMHO इंदौर, पहले 14 और बाद में 13 मरीजो के भर्ती रहने की पुष्टि करते दिखाई दिए। इसके साथ ही गुरुवार देर रात जारी किए बयान में CMHO ने मृतकों की संख्या 4 बताई थी और आज उन्होंने 6 घण्टो में 6 मौते बताई है। जिसके बाद सवाल ये उठ रहे है क्या वाकई स्वास्थ्य विभाग, गोकुलदास मामले को लेकर गम्भीर है।

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