अच्छी खबर – सब्जियों का भी होगा समर्थन मूल्य, नुकसान हुआ तो सरकार खरीदेगी  

अच्छी खबर – सब्जियों का भी होगा समर्थन मूल्य, नुकसान हुआ तो सरकार खरीदेगी  

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। सब्जी (Vegetable) की खेती करने वाले मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के किसानों (Farmers) के लिए राहतभरी और एक अच्छी खबर है।  मध्यप्रदेश सरकार ( Madhya Pradesh Government) जल्दी ही सब्जियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित करने जा रही है। लगभग ये तय हो गया है कि करीब 12 सब्जियां इसके दायरे में आएंगी। सरकार ये तय करने जा रही है कि यदि समर्थन मूल्य से कम कीमत पर किसान की सब्जी बिकती है तो उसके नुकसान की भरपाई राज्य सरकार करेगी।

अभी तक प्रदेश में रबी और खरीफ की फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचीं जाती थी लेकिन सरकार अब उन किसानों की तरफ भी देख रही है जो सब्जियां उगाते हैं।  कई बार मौसम की मार या बाजार की गिरावट  के चलते किसानों की सब्जियां ख़राब हो जाती हैं।  जिसे उन्हें खेतों में ही नष्ट करना पड़ता है या पशुओं को खिलाना पड़ता है पिछले दिनों ऐसी ही कुछ शिकायतें भी सामने आईं जब किसानों ने अपनी सब्जी खेतों  में ही नष्ट कर दी लेकिन अब ये हालात नहीं बनेंगे। शिवराज सरकार सब्जियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने जा रही है। प्रदेश का उद्यानिकी विभाग इस संबंध में रिपोर्ट को अंतिम रूप दे रहा है। रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री की मुहर लगने के बाद भिंडी, लौकी और गोभी समेत करीब एक दर्जन सब्जियां न्यूनतम समर्थन मूल्य के दायरे में आ जाएंगी।

हरियाणा मॉडल पर तैयार होगी योजना 

प्रदेश सरकार इसके लिए हरियाणा मॉडल लागू करने की तैयारी कर रही है। हरियाणा  में 16 सब्जियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सरकार ने तय कर रखा है। गौरतलब है कि इससे पहले अधिकारियों ने केरल की तर्ज पर सब्जियों के दाम तय करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था, लेकिन उन्होंने इसे खारिज कर दिया है।

Atul Saxena
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Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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