Lockdown में Indore से कैसे निकले गुटका किंग के ट्रक, तन्खा ने उठाए सवाल

Lockdown में Indore से कैसे निकले गुटका किंग के ट्रक, तन्खा ने उठाए सवाल

इन्दौर।

प्रदेश में गुटखा तस्करी के तार अब दुबई और पाकिस्तान से जुुड़ गए हैं। सैकड़ों करोड़ रुपये की कर चोरी के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी डीजीजीआइ ने गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी को दोषी पाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार गुटखा तस्करी के जरिए न केवल सैकड़ों करोड़ रुपये की कर चोरी की गई बल्कि उससे कमाया पैसा दुबई(dubai) और पाकिस्तान(pakistan) भी भेजा जा रहा है। इस मामले में अब राजनितिक हस्तक्षेप करते हुए अब कांग्रेस नेता विवेक तन्‍खा(vivek tankha)  ने ट्वीट(tweet) कर बड़ी बात कही है।

दरअसल विवेक तन्‍खा ने ट्वीट में लिखा है कि आरोपी तो व्यापारी है।जिस पर बड़े कर चोरी का आरोप है। डीआरआई(DRI) साक्ष्य इकट्ठा कर कोर्ट में आरोप पत्र दायर करेगा। वहीँ उन्होंने कहा कि वास्तव अपराधी सरकारी नौकरशाही है। कोरोना काल में इंदौर जैसे हाट्स्पाट में पीक टाइम में 70 ट्रक पास non essential आइटम के लिए इशू करना बड़ा संकेत है। राज्य शासन से इस आचरण पर कार्यवाही की अपेक्षा की बात कही है।

बता दे कि गुटखा तस्करी के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन कर्क में 15 जून को डीजीजीआइ ने गुटखा कारोबारी वाधवानी को मुंबई की एक होटल से गिरफ्तार किया था। गुरुवार दोपहर जांच एजेंसी वाधवानी को विशेष न्यायालय लेकर पहुंची। मामले पर न्यायालय में करीब ढाई घंटे तक सुनवाई चली। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। वहीँ वाधवानी ने मेडिकल आधार पर कोर्ट से जमानत मांगी। कोर्ट ने जमानत की अर्जी खारिज करते हुए वाधवानी को 22 जून तक रिमांड पर जांच एजेंसी को सौंप दिया।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews