Madhya Pradesh : उपचुनाव में हारे विधायक आखिर कब तक रहेगे मंत्री?

Madhya Pradesh : उपचुनाव में हारे विधायक आखिर कब तक रहेगे मंत्री?

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। उपचुनाव में हारे ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) समर्थक इमरती देवी (Imrati Devi), गिर्राज दंडोतिया (Girraj Dandotia) और एंदल सिंह कंसाना (Andal Singh Kansana) ने मंत्री पद से इस्तीफा तो दे दिया है लेकिन अब तक उनका इस्तीफा (Resignation) मंजूर नही किया गया है।सूत्रों का कहना है कि तीनों के पुनर्वास का मामला तय होने के बाद ही इस्तीफों को स्वीकार किया जाएगा, वैसे भी जनवरी तक उनका कार्यकाल समाप्त होगा।

दरअसल, उपचुनाव में मिली हार के बाद कैबिनेट मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने तुरंत इस्तीफा दे दिया था। वही प्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री इमरती देवी और कृषि राज्य मंत्री गिर्राज दंडोतिया ने दो दिन पहले ही अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंपा, लेकिन सुत्रों की माने तो अबतक तीनों का इस्तीपा मंजूर नही किया गया है।सुत्रों की माने तो पुनर्वास का मामला तय होने के बाद ही इस्तीफा मंजूर कर राज्यपाल (Governor) को भेजा जाएगा। कहा जा रहा है कि शिवराज सरकार (Shivraj Government) हारे मंत्रियों को निगम-मंडलों (Boards of corporations) में जगह देने के साथ ही उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दे सकती है, जिसमें इमरती देवी को महिला वित्त एवं विकास निगम  (Women Finance and Development Corporation) और दंडोतिया को हाउसिंग बोर्ड (Housing board) में जगह मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) पार्टी स्तर पर चर्चा करेंगे, इसके बाद ही आखिरी निर्णय लिया जाएगा।

क्या कहता है नियम

नियम के अनुसार, कोई भी गैर विधायक व्यक्ति अधिकतम छह महीने तक पद पर रह सकता है उस बीच यदि वो निर्वाचित नहीं होता है तो उसका पद स्वयं ही समाप्त हो जाता है। इस हिसाब से इमरती देवी ,गिर्राज दंडोतिया और एंदल सिंह कंसाना 2 जनवरी तक अपने पद पर बने रह सकते हैं उसके बाद उनका पद स्वतः समाप्त हो जायेगा।लेकिन इसके पहले शिवराज सरकार इन मंत्रियों का सम्मान बरकरार रखने के लिए उन्हें निगम मंडल में एडजस्ट कर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दे सकती है, ताकि बंगले के साथ साथ उनका कद भी बढ़ा रहे।

(भोपाल से पूजा खोदाणी की खास रिपोर्ट)

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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