
जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, नेताओं के दल-बदल का सिलसिला तेज हो गया है. शुक्रवार (1 अगस्त, 2025) को बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश महामंत्री सुधीर कुमार शर्मा ने पार्टी छोड़कर जन सुराज पार्टी का दामन थाम लिया. उनके साथ कई जिलों के दर्जनों नेता और कार्यकर्ता भी जन सुराज में शामिल हुए. जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय कुमार सिंह और संस्थापक प्रशांत किशोर ने सभी को सदस्यता दिलाई. इस मौके पर प्रशांत किशोर ने बीजेपी से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत किया और उन्हें धन्यवाद दिया.
पीके बोले – अब लोग मेरे रंग की कॉपी कर रहे
जन सुराज पार्टी का प्रतीक रंग पीला है और इन दिनों चुनाव प्रचार के लिए जेडीयू ने हरियाणा से पीले रंग की बस मंगवाई है. इस पर प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा, “अब लोग मेरे रंग की कॉपी कर रहे हैं. मुझे खुशी है कि नीतीश कुमार जी मेरी पार्टी के सांकेतिक रंग की गाड़ी से घूमेंगे, लेकिन इससे लोग यही समझेंगे कि नीतीश कुमार ने भी मान लिया है कि जेडीयू का भविष्य जन सुराज ही है.”
पीके ने आगे कहा कि नवंबर के बाद जेडीयू के नेता और कार्यकर्ताओं का अगला ठिकाना जन सुराज ही होगा. उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है और यह बदलाव जन सुराज के जरिए आएगा.
तेज प्रताप यादव को लेकर भी किया तंज
इन दिनों आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव पीले रंग की टोपी पहनकर प्रचार कर रहे हैं. इस पर पीके ने कहा, “पीला रंग विष्णु का होता है, इसलिए हमने पीले रंग को चुना था. इस्लाम में भी पीले रंग का विशेष महत्व है. अब गांव-गांव में लोग पीले रंग का मतलब जन सुराज पार्टी समझ रहे हैं, लेकिन हर पीला रंग सोना नहीं होता.” पीके ने साफ कहा कि जन सुराज का पीला रंग उम्मीद, ऊर्जा और एक नए बदलाव का प्रतीक है और अब लोग इसे पहचानने लगे हैं.
बीजेपी और जेडीयू नेताओं पर सीधा हमला
प्रशांत किशोर ने बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, “सनातन में युद्ध के दौरान घायल पर हमला नहीं किया जाता है, लेकिन हमने दिलीप जायसवाल पर दो आरोप लगाए यानी दो बाण मारे और वह मूर्छित होकर गिर गए. अब वह जवाब नहीं दे पा रहे हैं.” पीके ने आगे कहा कि अब मंगल पांडेय और सम्राट चौधरी अगली पंक्ति में हैं और समय आने पर उनका भी राजनीतिक जवाब मिलेगा. उन्होंने दावा किया कि बिहार में आने वाला समय जन सुराज का है और जनता अब पुराने नेताओं के झांसे में आने वाली नहीं है.
