भारत विकास परिषद ने चिकित्सालय में बांटी पीपीई किट

भारत विकास परिषद ने चिकित्सालय में बांटी पीपीई किट

दतिया।सत्येंद्र रावत।

कोरोना की महामारी को देखते हुए लोगो की सुरक्षा के लिये आज भारत विकास परिषद ने दतिया के किला चौक पर जरूरतमंद लोगों को मास्क वितरित किए।  वही जिला चिकित्सालय चिकित्सालय में जाकर डॉक्टरों को कोरोना से सुरक्षा प्रदान करने वाली पीपीई किट प्रदान की। इस दौरान सीएचएमओ एस एन उदयपुरिया, सिविल सर्जन डॉक्टर दिनेश गुप्ता, एडिशनल सीईओ धनंजय मिश्रा, आरएमओ डॉक्टर दिनेश सिंह तोमर, नगर पालिका स्वास्थ्य अधिकारी राजवीर राय सहित भारत विकास परिषद के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश अग्रवाल भारत विकास परिषद शाखा दतिया परिवार के सदस्यों ने किला चौक पर ऐसे लोगों को मास्क वितरित किए जो मार्क्स नहीं लगाए हुए थे।

वही उन्होंने लोक् डाउन, सोशल डिस्टेंसन सहित प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की अपील की। इस कोरोना महामारी से लड़ने के लिए परिषद के सदस्यों ने मिलकर आज लगभग 1500 मास्क वितरित कर दिए हैं।  कुल मिलाकर 4500 मास्क किए जा चुके हैं उसके बाद जिला चिकित्सालय में 25 पीस पी पी टी किट भेंट किए। सिविल सर्जन दतिया ने भारत विकास परिषद की इस मुहिम की तारीफ करते हुये धन्यवाद दिया। वही भारत विकास परिषद की ओर से अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश अग्रवाल ने कहा अगर भारत विकास परिषद से जिला अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश अग्रवाल जी ने जरूरत पड़ने पर और भी सहयोग करने की बात कही। मौजूद नितिन गुगोरिया, प्रदीप काले, डॉ रूपेश श्रीवास्तव,
डॉ कपिल गोयल, जितेंद्र गोस्वामी, अखिलेश दांतरे, दीपक गंधी, विजय गुप्ता, सोम दुबे, श्रीमती रंजना भटनागर, श्रीमती सुषमा श्रीवास्तव, जितेंद्र श्रीवास्तव, विकास गुप्ता, मोनू अग्रवाल, विवेक सावला, राजेंद्र गुप्ता, राजेन्द्र मुनीम, लाल चंद्र आडवाणी, अमित अग्रवाल एवं आनंद चउदा सहित अन्य उपस्थित रहे।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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