इंदौर: न्यूज़पेपर के 2 हॉकर्स निकले कोरोना पॉजिटिव, मीडिया में खलबली

इंदौर: न्यूज़पेपर के 2 हॉकर्स निकले कोरोना पॉजिटिव, मीडिया में खलबली

इंदौर।
बीते दिनों भोपाल(BHOPAL) में एक पत्रकार के कोरोना पॉजिटिव(CORONA POSITIVE) होने पर मीडिया और नेताओं में हड़कंप मच गया था। सभी नेताओं (LEADERS)और पत्रकारों(JOURNALIST) ने खुद को क्वारेंटाइन कर लिया था। अब इंदौर(INDORE) से एक खबर आ रही है जिसके अनुसार एक न्यूज़पेपर (NEWSPAPER)के होकर्स (HAWKERS)को कोरोनावायरस पॉजिटिव निकला है, इस खबर ने मीडिया जगत में खलबली मचा दी है।

दरअसल, इंदौर के सबसे बड़े न्यूज़ पेपर एजेंट दुलीचंद जैन संस्थान(News Paper Agent Dulichand Jain Institute) के यहां काम करने वाले दो हॉकर्स को कोरोना हो गया है। दोनों को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। यह दोनों एजेंट पेपर बांटने का कार्य करते थे और संक्रमित होने के बाद भी पेपर बांटते रहे लेकिन जब ज्यादा तबियत बिगड़ी तो फिर जांच में पूरा मामला सामने आया इसके बाद उन्होंने यह निर्णय लिया कि फिलहाल पेपर वितरण का कार्य पूरी तरह से बंद कर दिया जाए ।संस्थान के संचालक शरद जैन द्वारा बाकायदा लिखित में सूचित किया गया है कि उनके यहां कोरोना वायरस के चलते पेपर वितरण कार्य सुरक्षा की दृष्टि से पूरी तरह से बंद कर दिया गया है ताकि अन्य लोग भी इसकी चपेट में नहीं आने पाए ।

इधर इस खबर ने इंदौर की मीडिया में खलबली मचा कर रख दी है, क्योंकि इस संस्थान की इंदौर में सबसे ज्यादा पेपर वितरण के साथ ही पत्र पत्रिकाओं की दुकानें भी हैं ।उनके पास आज भी हॉकरों का सबसे बड़ा नेटवर्क है । ऐसे में कई तरह के सवाल भी खड़े हो रहे है कि उसके माध्यम से बांटे गए अखबारों में क्या संक्रमण घर-घर कर तक नहीं पहुंचेगा ? हालांकि अखबार मालिकाों और जानकारों का कहना है कि अखबार से संक्रमण नही फैलता है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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