Indore : बढ़ रहा Corona से मरने वालों की संख्या का ग्राफ, मिले 42 नए पॉजिटिव

Indore : बढ़ रहा Corona से मरने वालों की संख्या का ग्राफ, मिले 42 नए पॉजिटिव

इंदौर।

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। लगातार नए मामले एक बार फिर सरकार की चिंता बढ़ा रहे हैं। इसी बीच शुक्रवार काे इंदौर में 42 नए पाॅजिटिव मरीज मिले हैं।जिसके साथ ही जिले में संक्रमितों की संख्या 4288 पहुँच गयी है। वहीँ चार मऱीज की मौत हो चुकी है।

दरअसल इंदौर में शुक्रवार को 42 नए पॉजिटिव(positive) पाए गए। चार मरीज की इंदौर में मौत हो गई है। संक्रमण अब पुराने शहर से होकर नए क्षेत्र में भी पहुँच रहे हैं। सभी क्षेत्र को कन्टेनमेंट क्षेत्र घोषित करने के बाद मरीजों के सम्पर्क में आये लोगों को क्वारंटाइन(quarantine) किया गया है। वहीँ जिले में अबतक कुल 4288 मरीज हो चुके हैं। जबकि 187 लोगों की इससे मौत हो चुकी है। इंदौर में कोरोना के 927 एक्टिव केस हैं।

बता दें कि इससे पहले गुरुवार देर रात आई रिपोर्ट में 57 पॉजिटिव मिले और 3 मौत की पुष्टि हुई थी। अबतक 4191 संक्रमित हो चुके है औऱ 182 की मौत हो चुकी थी।इससे पहले रोज चार-चार कोरोना संक्रमितों की मौत की पुष्टि की जा रही थी।लगातार बढ रहे आंकड़ों ने शासन-प्रशासन की नींद उड़ा दी है। बीते तीन चार दिनों से केस कम मिल रहे थे लेकिन एक साथ 57 की रिपोर्ट पॉजिटिव फिर चिंता का विषय बन गई हैं। इंदौर में दिनों दिन हालात गंभीर होते जा रहे है। माना जा रहा है आने वाले समय में कुछ बड़े कदम उठाए जा सकते है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews