MP के इस IPS ने दी कोरोना को मात, डिस्चार्ज होते ही ड्यूटी की ज्वाइन

MP के इस IPS ने दी कोरोना को मात, डिस्चार्ज होते ही ड्यूटी की ज्वाइन

इंदौर।आकाश धोलपुरे।

इंदौर में कोरोना की जंग में एक आईपीएस (प्रोबेशनर आईपीएस) अधिकारी कोरोना से जंग जीतने के बाद, 24 घण्टे के भीतर ही ड्यूटी पर तैनात हो गए। दरअसल, शुक्रवार को इंदौर के अरविंदो अस्पताल से डिस्चार्ज हुए महू ग्रामीण एएसपी अमित तोलानी आज से काम पर लौट आए है बताया जा रहा है कि डॉक्टर्स से सलाह लेने के बाद ही उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन की है। अस्पताल से आने के बाद एएसपी महू किशनगंज थाना महू पुलिस द्वारा निकाले गए फ्लैग मार्च में शामिल हुए। इस दौरान सबसे पहले महू SDOP विनोद शर्मा ने ASP का ताली बजाकर स्वागत किया और उनके हौंसले को सलाम किया। फ्लैग मार्च के दौरान लोगो ने भी ASP अमित तोलानी का अभिनन्दन किया। कोरोना को हराने वाले एडिशनलएसपी अमित तोलानी ने बताया कि कोरोना को हराने का सबसे कारगर उपाय ये ही है कि लोग लॉक डाउन का पालन करे। वही उन्होंने बताया कि कोरोना से जंग लड़ने के गरम पानी पीना चाहिए साथ ही भाप लेना भो फायदेमंद होता है। जानकारी के मुताबिक महू तहसील में सबसे पहले कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट एएसपी अमित तोलानी कि आई थी और अस्वस्थ होने के बाद से ही तोलानी ने खुद को घर में ही क्वांरटाइन कर लिया था और जब रिपोर्ट सामने आई तो उन्हें इंदौर में अरविंदो अस्पताल में इलाज के लिये लाया गया था और शुक्रवार को पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया गया है। फिलहाल, महू से आ रही तस्वीरो को हर कोई पसंद कर रहा है और एएसपी के जज्बे को सलाम कर रहा है।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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