
आकाश धौलपुरे/इंदौर। सीएम कमलनाथ (kamalnath) ने कहा है कि iifa कोई सरकारी समारोह नहीं है लेकिन उन्होने अपने निजी पहचान के आधार पर उन्हें प्रदेश में iifa अवार्ड फंक्शन करने के लिये आमंत्रित किया, ताकि इस तरह के अंतर्राष्ट्रीय समारोह के कारण देशभर में प्रदेश को एक अलग पहचान मिले। इंदौर में पत्रकारों से बात करते हुए कमलनाथ (kamalnath) ने कहा कि उन्होने कहा कि प्रदेश में निवेश आएगा और हम विकास के पथ पर आगे बढ़ेंगे।
वहीं दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में कमलनाथ ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि देश में ऐसा वातावरण बनाया जा रहा है जहा दंगे होने की आशंका बढ़ रही है। सीएए लागू करने के सवाल पर सीेएम ने कहा कि ऐसे समय में जबकि न तो कोई रिफ्यूजी आ रहे हैं इस तरह का कानून बनाने की क्या आवश्यकता है।
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

