खंडवा मर्डर केस: पुलिस को मिली बड़ी सफलता, आरोपी गिरफ्तार

खंडवा मर्डर केस: पुलिस को मिली बड़ी सफलता, आरोपी गिरफ्तार

खंडवा/सुशील विधानी

खंडवा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है जहां पर दो नकाबपोश बदमाशों ने घासपुरा स्थित रेलवे माल गोदाम क्षेत्र में बगैर नंबर प्लेट की बाइक लेकर दिनदहाड़े चाकू और गोली मारकर ट्रक ड्राइवर अब्दुल हफीज शेख पिता अब्दुल हमीद 58 निवासी महाराणा प्रताप वार्ड घासपुरा की दोपहर 12:30 रेलवे माल गोदाम के पास हत्या कर दी थी। खंडवा पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की जहां आरोपी जल्द ही पकड़े गए है। पुलिस अधीक्षक ने पत्रकार वार्ता में बताया कि आरोपियों को उज्जैन से पकड़ा है आरोपियों के नाम निगम पटेल पिता पंढरी पटेल जाति कुंडी 19 साल जैन कुआं के पास संजय नगर और आनंद पाराशर पिता संतोष पाराशर उम्र 19 साल निवासी जैन कुआं के पास संजय नगर खंडवा थे। इन्होंने पूछताछ में बताया कि घूमने गए थे माल गोडाउन के पास वहां विवाद हो गया विवाद होने पर चाकू और पिस्टल से हमला कर दिया पुलिस द्वारा चाकू जप्त किया गया है जिसमें अन्य तत्वों पर गहन विवेचना जारी है।

मामले के खुलासे में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई, पुष्पेंद्र सिंह राठौर थाना प्रभारी पदम नगर, राम प्रकाश यादव, अमित यादव, अनिल अमर प्रजापति, अरविंद तोमर, राजेंद्र पांडे, आर शेखर जिला विशेष शाखा की सराहनीय भूमिका रही।  इसके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नगर पुलिस अधीक्षक कि आरोपी को पकड़ने में विशेष भूमिका रही।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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