लॉक डाउन: MP के इन 2 SDM ने पेश की ऐसी मिसाल, हर कोई कर रहा तारीफ

लॉक डाउन: MP के इन 2 SDM ने पेश की ऐसी मिसाल, हर कोई कर रहा तारीफ

नरसिंहपुर।
जहां पूरा देश-प्रदेश कोरोना के संकट से लड़ रहा है, लोग घरों में कैद रहकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे है, वही अधिकारी भी अपने समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से पीछे नही हट रहे है। भिंड़ के नायब तहसीलदार के बाद अब नरसिंहपुर जिले के करेली से एसडीएम संघमित्रा बौद्ध और भिंड एसडीएम अभिषेक चौरासिया ने मिसाल पेश की है। दोनों ने कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए अपनी शादी स्थगित कर दी।दोनों एसडीएम के इस कदम की हर कोई तारीफ कर रहा है।वही सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चाएं जोरों पर है।

दरअसल, मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के करेली की एसडीएम संघमित्रा बौद्ध की शादी भिंड के रहने वाले डिप्टी कलेक्टर अभिषेक चौरसिया से 12 अप्रैल को होना थी। दोनों की सगाई आठ फरवरी को हुई थी। दोनों के द्वारा मार्च के शुरुआती दिनों में छुट्टी के लिये आवेदन भी कर दिया गया था जिस पर अवकाश स्वीकृत भी हो गए थे। शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। रिश्तेदारों में कार्ड भी चले गए हैं। शादी की तैयारियों के तहत मैरिज गार्डन व कैटरिंग आदि की बुकिंग के साथ शादी की पूरी खरीददारी भी हो चुकी थी, लेकिन कोरोना संकट को देखते हुए दोनों ने शादी स्थगित करने का निर्णय लिया एवं छुट्टी पर न जाकर अपने क्षेत्र की जनता को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए दिन रात काम कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अवकाश निरस्त करने का आवेदन नरसिंहपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना को दिया है। अब लॉक डाउन ख़त्म होने के बाद दोनों सात फेरे लेंगे। ।

इससे पहले भिंड के एक नायब तहसीलदार निशिकांत जैन ने एक ऐसी मिसाल पेश की थी। भिंड के मौ सर्कल में पदस्थ एक नायाब तहसीलदार ने कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने एवं जागरूक करने के लिए अपनी शादी को स्थगित कर दिया है।इतना ही नहीं उन्होंने अर्जित अवकाश निरस्त करने के लिए कलेक्टर को आवेदन दे दिया है जो कलेक्टर ने स्वीकृत कर लिया ।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews