मऊगंज में आदिवासियों ने किया धारदार हथियार से पुलिस पर हमला, महिला अधिकारी को बनाया बंधक, ASI की मौत की खबर

मऊगंज के शाहपुर थाना क्षेत्र में बवाल मचा है। पुलिसकर्मियों पर हमला होने का मामला सामने आया है। महिला अधिकारी को बंधक बनाया गया है। पुलिस बल को रवाना किया गया है। 
मऊगंज में आदिवासियों ने किया धारदार हथियार से पुलिस पर हमला, महिला अधिकारी को बनाया बंधक, ASI की मौत की खबर

Mauganj News: मऊगंज के शाहपुर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी, पुलिस के पहुंचते ही स्थानीय लोगों ने धारदार हथियार पर से पुलिस बल पर हमला कर दिया। हमले में ASI SAF राम गोविंद गौतम का निधन हो गया।

जानकारी के मुताबिक जैसे ही मौके पर थाना प्रभारी शाहपुर महिला अधिकारी तहसीलदार व अन्य पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे। आदिवासियों द्वारा कुल्हाड़ी सहित अन्य धारदार हथियारों से उन पर हमला किया गया। इतना ही नहीं जानकारी के मुताबिक महिला अधिकारी को बंधक भी बनाया गया है। साथ ही बंधक बनाएं युवक राजन दुबे की हत्या की गई है।

भारी पुलिसबल मौके के लिए रवाना

घटना की जानकारी मिलते ही भारी पुलिस वालों आसपास के थानों से पुलिसबल पर भेज दिया गया है। DIG रीवा, पुलिस अधीक्षक, जिला दंडाधिकारी एवं एसडीओपी मौके पर पहुंच गए हैं। जिले का अन्य पुलिस बल भी घटनास्थल पर भेजा गया है। जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। घायलों को इलाज के लिए रीवा जिला अस्पताल में भेजा गया है। जानकारी के अनुसार एसडीओपी को भी बंधक बनाया गया है।

अभी भी फंसे हुए हैं कई पुलिसकर्मी, कई घायल 

जिन अधिकारियों पर हमला किया गया उनमें शाहपुर थाना प्रभारी संदीप भारती, तहसीलदार पनिका ASI जवाहर सिंह यादव, बृहस्पति पटेल बुरी तरह घायल हो गए हैं। वही एसडीओपी अंकित सालिया की ग्रामीणों के बीच में गिरे होने की खबर सामने आ रही है। घायल पुलिसकर्मियों को सिविल अस्पताल और आशीर्वाद हास्पिटल मऊगंज में भर्ती कराया गया है। उनका इलाज इलाज जारी है। वहीं कई पुलिस कर्मी वहां पर फंसे हुए हैं, जिन्हें भारी चोट भी आई है।

क्या है मामला?

दरअसल, शनिवार की शाम कुछ आदिवासी कोल समाज के व्यक्तियों द्वारा शनि द्विवेदी उसके घर में बंद कर मार दिया गया। मृतक कोल समाज से संबंधित हैं। पुलिस पर हमला अशोक कोल के परिवारजनों द्वारा किया गया है। आरोपियों को शक  था कि उनके पिता अशोक कोल की मृत्यु इन्हीं व्यक्तियों द्वारा करवाई गई थी, जबकि अशोक कोल की मृत्यु कुछ माह पूर्व हो चुकी थी। इस संबंध में विधिवत जांच भी संपन्न हो चुकी है। जब घटनास्थल पर थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस कर्मी पहुंचे तो कोल समाज द्वारा उनपर पत्थर से हमला किया।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews