कारीगरों के लिए आर्थिक सहायता की मांग को लेकर PM मोदी को विधायक ने लिखा पत्र

कारीगरों के लिए आर्थिक सहायता की मांग को लेकर PM मोदी को विधायक ने लिखा पत्र

अलीराजपुर।यतेंद्रसिंह सोलंकी

असंगठित क्षेत्रों में हाथ के हुनरमंद कारीगरों और श्रमिकों जैसे- आदिवासी मजदूर(worker), बुनकर(Weaver), शिल्पी(Artisan), कुम्हार, खाती, सुतार, सुनार, लुहार, दर्जी, छीपा, मोची, ठठेरा, आदि को आर्थिक सहायता हेतु प्रावधान करने की मांग को लेकर विधायक(MLA) मुकेश पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(pm narendra modi) को पत्र लिखा। विधायक पटेल ने पत्र में बताया कि कोरोना महामारी(corona pandemic) से हिन्दुस्तान को बचाने के लिए आपने राष्ट्रहित में लाॅक-डाउन जैसा कड़ा फैसला लिया है। जिससें हमारा हिन्दुस्तान इस विश्व व्यापी महामारी से बचने के लिए प्रयासरत है। इस प्रयास के लिए हम सब आपका धन्यवाद करते है। ऐसे कठिन काल में कोई जरूरतमंद देशवासी भूखा ना रहे इसके लिए भी आपने बहुत ही प्रभावी व कारगर कदम उठाये है।

वर्तमान में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए देश भर में 19 दिन का 3 मई 2020 तक लाॅक-डाउन(lockdown) चल रहा है। इसके चलते असंगठित क्षैत्रों के हाथ के हुनरमंद कारीगर व श्रमिक जैसे – आदिवासी मजदूर, बुनकर, शिल्पी, कुम्हार, खाती, सुतार, सुनार, लुहार, दर्जी छीपा, मोची एवं ठठेरा आदि कामगारों के सामने अपने जीवन-यापन को लेकर संकट खड़ा हुआ है। इन जातियों के लोग अधिकतर दिहाड़ी मजदूरी कर या हाट-बाजारों में छोटी-मोटी दुकान चलाकर गुजारा करते है। जागरूकता की कमी के कारण इन लोगो का उद्योग विभाग, श्रमविभाग व रोजगार विभाग में इनका पंजीकरण नही होता जिससे इन विभागों के अन्तर्गत सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारियां इन्हें ना के बराबर है। जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ इनको नहीं मिल पाता है और ना ही इनके बीपीएल श्रेणी के कार्ड बने होते है। वर्तमान समय में सब काम-काज बंद है। आपके नेतृत्व में निश्चित तौर पर हिन्दुस्तान इस महामारी को हराएगा। परंतु महामारी की समाप्ति के 3-4 माह बाद तक इन जातियों के रोजगार की स्थिति पटरी पर नही आएगी। क्योंकि इन जातियों से संबंध काम धंधे बाकि सभी व्यवस्था के सुचारू रूप से व्यवस्थित होने के बाद शुरू होगे। इस लिए देश के विकास में अमूल्य योगदान करने वाले इन असंगठित कारीगर, कामगार वर्ग के लोगो के लिए एक बड़ा राहत पैकेज दिया जाए। साथ ही अपना छोटा-मोटा धंधा करने वालो को अपना धंधा चालू रखने के लिए भी राहत पैकेज देवे। इन वर्गो के लोगो के धंधों को चालू रखने के लिए बिना ब्याज, सबसीडी सहित लम्बी अवधि के ऋण सरकार दिलवाने की व्यवस्था करें।

विधायक पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के हर हाथ को हूनरमंद हाथ बनाने का सपना आपने देखा है स्किल इंडिया इसका जीता-जागता उदाहरण है। इसलिए निश्चित तौर पर इन हुनरमंद हाथों की चिंता होनी चाहिए। निश्चित ही इन सब बातो पर निर्णय लेने के लिए वित्त मंत्री भारत सरकार निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में दल गठित कर रखा है। उम्मीद करते है कि जल्द ही उचित निर्णय कर इन कामगारों के हित में आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews