गुड्डू को भारी पड़ी सिंधिया के खिलाफ बयानबाजी, पार्टी ने भेजा नोटिस

गुड्डू को भारी पड़ी सिंधिया के खिलाफ बयानबाजी, पार्टी ने भेजा नोटिस

इंदौर। आकाश धोलपुरे।

प्रदेश में कोरोना संकट के साथ साथ उपचुनाव के लिहाज से सियासी पारा भी गरमाता जा रहा है। वही उपचुनाव का एपी सेंटर इंदौर का सांवेर विधानसभा क्षेत्र बन चुका हैम दरअसल, यहां मंत्री तुलसी सिलावट ने कई दिग्गजों को बीजेपी में शामिल कराकर चुनावी बिगुल बजा दिया था तो आज दोपहर में बीजेपी नेता प्रेमचंद गुड्डू ने सिंधिया परिवार और सिलावट पर तीखे हमले बोलकर तय कर दिया है कि सांवेर विधानसभा क्षेत्र से तुलसी सिलावट को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इधर, अनुशासन के लिए जानी जाने वाले बीजेपी के प्रदेश संगठन ने गुड्डू के ताजा बयानों के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इंदौर में बीजेपी जिला अध्यक्ष राजेश सोनकर ने बताया कि प्रेमचंद गुड्डू लगातार सोशल मीडिया व अन्य तरीकों से बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं व संगठन के खिलाफ बयानबाजी कर रहे है। जिला अध्यक्ष ने कहा कि गुड्डू अगले 7 दिन में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा के समक्ष उपस्थित होकर उचित जबाव प्रस्तुत करें नही तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, इंदौर में सांवेर की राजनीति में जो कुछ घट रहा है उसकी इबारत उसी दौर में लिखी जा चुकी थी जब सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे और अब लिखी गई इबारत पर राजनीति में फिर से नई इमारत बनाने की कोशिश में प्रेमचंद गुड्डू जुट गए है और अगले कुछ वक्त में वो कांग्रेस में शामिल होकर बीजेपी को चौंका सकते है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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