खुला पट, सरकार की नई गाइडलाइन का पालन करते हुए भक्तों ने किए भगवान के दर्शन

खुला पट, सरकार की नई गाइडलाइन का पालन करते हुए भक्तों ने किए भगवान के दर्शन

मन्दसौर।तरुण राठौर

आज से अनलॉक 2(unlock2) शुरू हो गया है। जिसके तहत मंदिर(temple) , रेस्टोरेंट(restaurent) ,माल खोले जा रहे है। जो अब तक लॉकडाउन (lockdown)कर्फ्यू(curfew) के चलते पूरी तरह से बन्द थे। ऐसे में भक्त भगवान के दर्शन को तरस गए थे। वे अब सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन(guideline) का पालन करते हुए भगवान के दर्शन कर सकेंगे। जिसकी निमावली मंदिर में लगाई गई है। ऐसे में मंदिर के कपाट खुलते ही भक्त भगवान के दर्शन करने पहुंचे। जहां पर उन्होंने गाइडलाइन का पालन करते हुए बाहर से ही प्रभु के दर्शन किए। जिसकी तैयारी मंदिर प्रशासन ने पहले ही कर ली थी।

जिससे की मंदिर में दर्शन करने पहुंच रहे भक्तो को कोई समस्या नहीं आए। हालांकि मन्दसौर अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ की नगरी के नाम से देश विदेश में विख्यात है। और यहां पर देशभर से भक्त आते है। किन्तु वैश्विक महामारी के चलते पूरे देश लोकडाउन कर्फ्यू लगा था। जिसकी वजह से देशभर के मंदिरों पर ताले लग गए थे। जिससे भक्त अपने भगवान से दूर हो गए थे। जो अब अनलॉक 2 के तहत मिली छूट के तहत भगवान के दर्शन कर सकेंगे।वैसे तो लोकडाउन के दिनों में रोज भगवान की आराधना हो रही थी। वह भी भक्तों के बिना।

वहीं भक्तो के मन में था कि वे ऐसे विपता के समय में प्रभु के दर्शन नही कर पा रहे है जब उनको सबसे ज्यादा उनकी जरूरत है। वहीं मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष कलेक्टर मनोज पुष्प का कहना है कि मंदिर सुबह 8 से शाम 6 बजे तक खुलेगा। जिसमें 10.30 से 11.30 बजे तक सुबह ओर उसके बाद दोपहर में 1 से 2 बजे तक मंदिर बन्द रहेगा। साथ ही मंदिर में मास्क पहनके आना अनिवार्य है। वहीं प्रवेश के पूर्व हाथ को साबुन से साफ कराया जाएगा।किन्तु पूजन अर्चन नहीं किया जा सकेगा। साथ गर्भग्रह में प्रवेश निषेध रहेगा। भक्त बाहर से ही दर्शन कर सकेंगे सोशल डिस्टेंसिंग पालन करते हुए।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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